उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल) में फंसे कॉर्पोरेशन के 45 हजार कर्मचारियों के पीएफ के 2267 करोड़ रुपये की ब्याज सहित वसूली के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से मदद मांगी है।
पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष आलोक कुमार ने आरबीआई के मुख्य महाप्रबंधक आलोक नारायन को पत्र लिखकर कर्मचारियों के पीएफ की राशि ब्याज सहित तत्काल वापस दिलाने का आग्रह किया है।
आलोक कुमार ने पत्र में कहा है कि यूपी स्टेट पावर सेक्टर एंपलाइज ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड सीपीएफ ट्रस्ट ने पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों के पीएफ की बड़ी राशि का डीएचएफएल सहित अन्य हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों में निवेश किया है।
महाराष्ट्र उच्च न्यायालय मुंबई ने 30 सितंबर 2019 और 10 अक्तूबर 2019 को डीएचएफएल के खातों से मूलधन और ब्याज की निकासी पर रोक लगाई है। इससे पावर कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों के पीएफ का भी 2267 करोड़ रुपये अटक गया है।
आलोक कुमार का कहना है कि हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का रेग्युलेशन नेशनल हाउसिंग बैंक करता है। आरबीआई, नेशनल हाउसिंग बैंक का मुख्य प्रवर्तक है। उन्होंने रिजर्व बैंक से कॉर्पोरेशन कर्मचारियों के पीएफ की राशि ब्याज सहित लौटाने में मदद का आग्रह किया है।