विकास की गति तेज करने के लिए यूपी में कॉरपोरेट कल्चर बनाने का काम यूपी इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट्स लिमिटेड (यूपीको) करेगी। यूपीको ने इसके लिए ऑस्ट्रिया की यूनिवर्सिटी के साथ करार किया है।
इस करार में यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज वियना और इंडियन सेंटर फॉर कॉरपोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी (आईसीसीएसआर) के साथ मिलकर दो नए कोर्स लखनऊ में कराए जाएंगे। इसके साथ युवाओं को मौका देने के लिए एक लाख रुपए तक की छात्रवृत्ति यूपीको देगी।
यूपीको के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की शुक्रवार को यहां हुई बैठक में ये निर्णय किए गए। बैठक में यूपी सरकार, सिडबी और इंडस्ट्रियल फाइनेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अधिकारी शामिल हुए।
यूपीको के प्रबंध निदेशक प्रवीन सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि करीब 25-25 सीट के साथ एमएस इन एनवायरमेंट साइंस और डिप्लोमा इन कॉरपोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।
कंपनी अपना कार्यालय गोखले मार्ग से पिकप भवन गोमतीनगर में ले जा रही है। वहां इन कोर्स के लिए स्टडी सेंटर बनाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट क्षेत्र की सामाजिक जिम्मेदारी को सरकार अनिवार्य बना चुकी है।
ऐसे में इसके विशेषज्ञों की भी जरूरत है। इन्हें हाथों-हाथ कंपनियां रोजगार दे रही हैं। देश के विकास में आने वाले समय में ये युवा ही बदलाव तय करेंगे।
प्रवीन सिंह ने बताया कि 38 साल पहले बनी यूपीको की हालत में अब सुधार किया जा रहा है। हम यूपी के विकास को वैज्ञानिक पहलुओं के साथ जोड़कर देख रहे हैं।
कंपनी जहां पिछले वित्तीय सत्र में केवल एक करोड़ के रेवेन्यू के साथ खड़ी थी, वहीं चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही हम आठ करोड़ का लक्ष्य पूरा कर चुकेहैं। इस वित्तीय वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू टर्नओवर 25 करोड़ करने का लक्ष्य है।