सार
हरदोई में तैनात युवा कल्याण अधिकारी शिवाकांत द्विवेदी और उनके परिजनों पर दहेज उत्पीड़न व हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ है। पत्नी ने 25 लाख रुपये और फॉर्च्यूनर की मांग, मारपीट और गला दबाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हरदोई में तैनात युवा कल्याण अधिकारी शिवाकांत द्विवेदी व उनके घरवालों के खिलाफ पत्नी ने दहेज की मांग, शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न और हत्या के प्रयास का आरोप लगाया है। जानकीपुरम पुलिस ने तहरीर के आधार पर शिवाकांत, उनके माता-पिता, बहन और एक युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
बख्शी का तालाब के देवरई कला गांव निवासी निकिता तिवारी के अनुसार, उनका विवाह 14 फरवरी 2025 को शिवाकांत द्विवेदी से हुआ था। विवाह के समय शिवाकांत युवा कल्याण अधिकारी के पद पर लखनऊ में संबद्ध था।
कुछ माह बाद ट्रांसफर हरदोई हो गया। विवाह में लाखों रुपये खर्च होने और थार गाड़ी दहेज में देने के बावजूद ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं था। कुछ समय बाद ही पति, सास सुषमा, ससुर नारायण द्विवेदी और ननद क्षमा ने 25 लाख रुपये नकद और फॉर्च्यूनर गाड़ी की मांग शुरू कर दी। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पति का एक अन्य महिला से संबंध है। इसका विरोध करने पर शिवाकांत ने गला दबाकर उनकी हत्या का प्रयास किया। इसके अलावा, उनके आभूषण भी रख लिए गए और उन्हें मायके भेज दिया गया।
पति सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कर उन्हें बदनाम कर रहा है और झूठे मामले में फंसाने व आत्महत्या की धमकी दे रहा है। दहेज की मांग पूरी न होने पर तलाक की धमकी भी दी जा रही है। इंस्पेक्टर जानकीपुरम विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।