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यूपी: प्रदेश के युवाओं को अब स्मार्ट फोन की जगह मिलेंगे टैबलेट, शासन ने की 25 लाख टैबलेट बांटे जाने की घोषणा

Wed, 23 Jul 2025 06:21 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Tablet distribution in UP: यूपी के युवाओं अब सरकार द्वारा स्मार्ट फोन की जगह पर टैबलेट दिए जाएंगे। शासन ने 25 लाख टैबलेट बांटे जाने की घोषणा को कैबिनेट की मंजूरी दी है। 
 
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योगी कैबिनेट का फैसला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के तहत युवाओं को स्मार्टफोन की जगह टैबलेट दिए जाएंगे। मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। साथ ही इस वर्ष जनवरी में 25 लाख स्मार्टफोन खरीदे जाने के अनुमोदन को निरस्त करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। अब युवाओं के लिए जल्द ही 25 लाख टैबलेट खरीदे जाएंगे।

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औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने बताया कि प्रदेश के स्रातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास और पैरामेडिकल आदि के लाभार्थी युवाओं को निशुल्क टैबलेट दिए जाएंगे ताकि वह अपने शैक्षिक पाठ्यक्रमों को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें। टैबलेट युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में काफी मददगार साबित होंगें।

ये फैसला इसलिए लिया गया ताकि युवा स्मार्टफोन से रील बनाने के बजाय टैबलेट से पढ़ाई करें। इसके अलावा स्मार्टफोन की तुलना में टैबलेट की बड़ी स्क्रीन, बेहतर बैटरी क्षमता, प्रोडक्टिविटी ऐप्स जैसे वर्ल्ड, एक्सेल, पॉवरप्वाइंट, गूगल शीट आदि के बेहतर उपयोग, मल्टीटास्किंग शैक्षिक कामकाज में ज्यादा उपयोगी साबित होगी। टैबलेट पढ़ाई लिखाई में स्मार्टफोन की तुलना में अधिक प्रभावी हैं। टैबलेट की बड़ी स्क्रीन और बेहतर प्रोसेसिंग क्षमता ऑनलाइन शिक्षा, ई-लर्निंग सामग्री, और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ज्यादा उपयुक्त है। प्रदेश सरकार ने पहले 25 लाख स्मार्टफोन खरीदने का निर्णय लिया था, जिसके लिए 2493 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया था। अब इस निर्णय को निरस्त कर टैबलेट खरीदे जाएंगे।

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यूपीपीएससी की भर्ती परीक्षाओं में चार सेटों में तैयार होंगे प्रश्नपत्र

प्रदेश सरकार ने लोकसेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को और भी फूलप्रूफ बनाने के लिए चार सेटों में प्रश्नपत्र बनवाने का फैसला किया है। अभी तक इन्हें तीन सेटों में तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही अलग-अलग रंग के लिफाफे में गोपनीय कोड के साथ प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों पर भेजा जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (प्रक्रिया का विनियमन) (संशोधन) अध्यादेश-2025 विधेयक संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट ने विधानमंडल में रखने को स्वीकृति दे दी है। इसमें किसी भी गड़बड़ी के लिए मुद्रक को जिम्मेदार बनाए जाने की व्यवस्था भी की गई है।

इसके तहत अधिनियम 1985 की धारा 10 की उपधाराओं एक, तीन, चार व पांच में संशोधन किया गया है। उपधारा एक में अभी तीन सेटों में प्रश्नपत्र तैयार किए जाने की व्यवस्था है। इसे चार सेटों में बनवाने की व्यवस्था की गई है। इन प्रश्नपत्रों को चार विशेषज्ञों से अलग-अलग तैयार कराया जाएगा। उपधारा तीन में पेपर सेट करने वाले विशेषज्ञों से प्राप्त प्रश्नपत्रों को मुहरबंद लिफाफे में उनसे रसीद लेकर दिए जाने की व्यवस्था है। इसे बदलते हुए अलग-अलग स्थान के पेपर सेट करने वालों से चार सेटों में बनवाया जाएगा।

उपधारा तीन में तीन पेपर सेट करने वालों से मुहरबंद लिफाफे में रसीद लेकर जांच करने वालों को देने की व्यवस्था है। अब चार सेटों में इसे रसीद लेकर छापने के लिए दिया जाएगा। उपधारा चार में जांच करने वाला तीनों प्रश्नपत्रों का परीक्षण करेगा। उन्हें अलग-अलग रखेगा। इस पर अपनी मुहर लगाएगा। इस पर पहचान का कोई चिह्न नहीं लगाएगा। इसे परीक्षा नियंत्रक या उसकी ओर से नामित व्यक्ति को रसीद लेकर देगा। इसे अब चार सेटों में दिया जाएगा।
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किसी भी गड़बड़ी के लिए मुद्रक ही होगा जिम्मेदार

उप धारा पांच में मौजूदा व्यवस्था के अनुसार परीक्षा नियंत्रक किसी विषय के किसी भी एक प्रश्नपत्र को मुहरबंद लिफाफे को बिना खोले चुनेगा और उसे छापने के लिए भेजेगा। इसे छापने वाला ही इसका प्रूफ भी पढ़ाएगा। परीक्षा नियंत्रक की ओर से दी गई सूचना के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर मुहरबंद पैकेट में भेजेगा। परीक्षा नियंत्रक अब दो लिफाफों को बिना खोले चुनेगा और उसे छपाई के लिए भेजेगा। परीक्षा नियंत्रण की ओर से दी गई सूचना के अनुसार अलग-अलग रंगों में गोपनीय कोड के साथ इसे भेजा जाएगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर मुद्रक ही जिम्मेदार होगा।
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