फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: गर्भवती होने पर महिला सिपाहियों को बीच में छोड़नी पड़ेगी ट्रेनिंग, गर्भपात को लेकर बनाए गए ये नियम

Thu, 19 Jun 2025 10:10 AM IST
रोहित मिश्र अशोक मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ

सार

UP constable training: सिपाही नागरिक पुलिस में भर्ती हुईं महिला सिपाहियों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें प्रशिक्षण के दौरान गर्भवती होने पर उन्हें ट्रेनिंग छोड़नी पड़ेगी। 
विज्ञापन
यूपी महिला सिपाहियों का प्रशिक्षण। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 सिपाही नागरिक पुलिस के पद पर चयनित महिलाएं गर्भवती हुईं तो प्रशिक्षण का हिस्सा नहीं बन पाएंगी। गर्भवती होने की सूरत में उन्हें वापस भेज दिया जाएगा। ऐसी महिला प्रशिक्षुओं को डिलीवरी के एक साल बाद आगामी प्रशिक्षण सत्र में शामिल करने की व्यवस्था की जाएगी। बता दें सिपाही नागरिक पुलिस के पद पर 60244 अभ्यर्थी चयनित हुए हैं, जिनमें 12048 महिलाएं हैं। 

विज्ञापन


आरक्षी नागरिक पुलिस (सीधी भर्ती/मृतक आश्रित) आधारभूत प्रशिक्षण कार्यक्रम के मुताबिक इन परिस्थितियों में यदि किसी महिला सिपाही की प्रशिक्षण की अवधि साढे़ चार माह से कम होगी तो उसे नए सिरे से पूरा प्रशिक्षण लेना होगा। वहीं, यदि प्रशिक्षण अवधि साढ़े चार माह से अधिक हो गई होगी तो शेष प्रशिक्षण उसी स्तर से आरंभ होगा, जहां से छोड़ा गया था। 

यह प्रशिक्षण निदेशालय के आदेश के बाद अगले बैच के साथ कराया जाएगा। इसके अलावा यदि किसी महिला को प्रशिक्षण आरंभ होने के एक वर्ष के अंदर प्रसव हुआ है तो उसे प्रशिक्षण में शामिल होने से पहले जिले के सीएमओ का मेडिकल फिटनेस का सर्टिफिकेट देना होगा। 
विज्ञापन


राज्य के बाहर की निवासी महिला सिपाही को यह सर्टिफिकेट प्रशिक्षण संस्था के जिले के सीएमओ से प्राप्त करना होगा। यदि किसी महिला को प्रशिक्षण शुरू होने से पहले अथवा प्रशिक्षण के दौरान गर्भपात हो जाता है तो प्रशिक्षण में शामिल होने से पहले सीएमओ से फिट होने का सर्टिफिकेट लेकर जमा करना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें