बसपा नेता लालजी वर्मा के आरोप पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों ने वोट बैंक बनाया है। भाजपा ने वोट बैंक नहीं बल्कि लोगों तक उनका हक पहुंचाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि सरकार के पैसे से बने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और स्वर्गीय कांशीराम के स्मारकों का नाम बदलने का काम करने वालों से सवाल पूछने की जगह बसपा मौन क्यों है?
मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके पार्टनर ने यह काम किया था, इसलिए ये सवाल पूछ नहीं सकते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2016-17 में सपा ने एससी-एसटी के छात्रों की छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं, मार्च 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद राशि जारी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष सच्चाई स्वीकार नहीं करता है। जब इनकी असलियत खुलती है तो ये मुंह दिखाने के लायक नहीं रहते वहीं, भाजपा बिना भेदभाव काम करती है।