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यूपी विधानसभा में एससी-एसटी आरक्षण पर लगी मुहर, योगी बोले- दलितों व गरीबों का विरोधी है विपक्ष

Tue, 31 Dec 2019 07:03 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सदन में संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायिका में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण की अवधि दस वर्ष बढ़ाने के लिए संसद से पारित संविधान के 126वें संशोधन विधेयक-2019 के समर्थन में मंगलवार को विधानमंडल के विशेष सत्र में पेश किए गए संकल्प पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर हमला बोला।

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उन्होंने कहा कि दलितों, वंचितों और गरीबों के वोट बैंक के नाम पर राजनीति करने वाले सपा, बसपा और कांग्रेस यानी ‘सबका’ ही वास्तव में उनके सबसे बड़े विरोधी है। मुख्यमंत्री ने इन दलों पर गरीबों के हितों पर डकैती डालने और शासन की योजनाओं में बाधक बनने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने केवल नारे नहीं दिए बल्कि बल्कि नारों को हकीकत में बदलने काम किया है। मुख्यमंत्री ने दलितों, वंचितों, गरीबों, आदिवासियों के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से लागू योजनाओं की जानकारी भी दी।
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नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, बसपा नेता लालजी वर्मा और कांग्रेस के अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री के बयानों को चर्चा से अलग बताते हुए विरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब, दलित व वंचित वर्ग की योजनाओं में बाधक बने विपक्ष का असली चेहरा सामने आ रहा है। विपक्षी दल नहीं चाहते कि गरीबों को शासन की योजनाओं का लाभ मिले। आरोप लगाया कि इसी तरह हंगामा कर यह लोग गरीब व वंचितों के हितों पर डकैती डालते हैं।

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मुख्यमंत्री बोले, 'इनके पार्टनर ने यह काम किया था, इसलिए ये सवाल पूछ नहीं सकते'

बसपा नेता लालजी वर्मा के आरोप पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों ने वोट बैंक बनाया है। भाजपा ने वोट बैंक नहीं बल्कि लोगों तक उनका हक पहुंचाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि सरकार के पैसे से बने बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और स्वर्गीय कांशीराम के स्मारकों का नाम बदलने का काम करने वालों से सवाल पूछने की जगह बसपा मौन क्यों है?

मुख्यमंत्री ने कहा कि इनके पार्टनर ने यह काम किया था, इसलिए ये सवाल पूछ नहीं सकते हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2016-17 में सपा ने एससी-एसटी के छात्रों की छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं, मार्च 2017 में भाजपा की सरकार बनने के बाद राशि जारी की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष सच्चाई स्वीकार नहीं करता है। जब इनकी असलियत खुलती है तो ये मुंह दिखाने के लायक नहीं रहते वहीं, भाजपा बिना भेदभाव काम करती है।
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