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यूपी: शेयर बाजार में मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, मैकेनिकल इंजीनियर गिरफ्तार; इस तरह करता था टारगेट

Tue, 22 Sep 2026 07:31 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

शेयर बाजार और आईपीओ में भारी मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के आरोपी मैकेनिकल इंजीनियर विवेक कुमार सिंह को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। गिरोह सोशल मीडिया विज्ञापनों और व्हाट्सऐप समूहों के जरिए लोगों को फंसाता था। फर्जी ऐप पर निवेश और मुनाफा दिखाकर रकम हड़पने का तरीका अपनाया जाता था।
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मैकेनिकल इंजीनियर गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के एक और आरोपी को एसटीएफ ने देहरादून से गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी देहरादून निवासी विवेक कुमार सिंह  है। वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक है। उसके पास से लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, दो सिम, दो राउटर और 15,500 रुपये बरामद हुए हैं।

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एसटीएफ के मुताबिक गिरोह सोशल मीडिया पर शेयर बाजार में निवेश की ट्रेनिंग और आईपीओ से मुनाफे के विज्ञापन देता था। विज्ञापन के जरिये संपर्क में आने वाले लोगों को व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा जाता था। यहां शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी देने के साथ निवेश से होने वाले मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाए जाते थे।

लोगों का भरोसा बनने के बाद उन्हें ACI Century App डाउनलोड करने का लिंक भेजा जाता था। ऐप पर खाता खुलवाकर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती थी। ऐप के डैशबोर्ड पर निवेश की रकम और मुनाफा बढ़ा हुआ दिखाई देता था। इससे निवेशकों को रकम सुरक्षित होने का भरोसा बना रहता था। रकम निकालने की कोशिश पर तरह-तरह के बहाने बनाकर और पैसा जमा कराया जाता था।

 

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फ़र्ज़ी खातों का इस्तेमाल 

एसटीएफ के  मुताबिक़ निवेशकों से मिली रकम फर्जी कंपनियों के नाम से खोले गए बैंक खातों में पहुंचाई जाती थी। वहां से रकम कई खातों में भेजी जाती और बाद में यूएसडीटी में बदलकर दुबई में बैठे गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाई जाती थी।

सोशल मीडिया पर ऐसे फंसाते थे

गिरोह इंस्टाग्राम और फेसबुक पर शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश की ट्रेनिंग के नाम पर विज्ञापन चलाता था। संपर्क में आने वालों को VIP9-6 ACI Exclusive Guidance Group नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा जाता था। ग्रुप में विशेषज्ञ बनकर निवेश की जानकारी दी जाती थी। फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाकर लोगों को बड़ी रकम लगाने के लिए तैयार किया जाता था। इसके बाद ऐप के जरिये निवेश कराया जाता था।

 

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3087 शिकायतों से सामने आया बड़ा नेटवर्क

एसटीएफ की जांच में गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला होने की जानकारी सामने आई है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस गिरोह से जुड़ी 3087 ऑनलाइन शिकायतें मिलने की जानकारी सामने आई है। इससे बड़ी संख्या में लोगों के साथ ठगी किए जाने का पता चला है।

पहले चार आरोपी भी पकड़े जा चुके

मामले में एसटीएफ पहले भी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अनुनाग अरविंद श्रीवास्तव को 31 जुलाई को नागपुर, विनोद कुमार राठौर को 22 अगस्त को मध्यप्रदेश के झाबुआ और सुधीर गंगाधर दास व शेख नदीम सलीम को 23 अगस्त को महाराष्ट्र के काशीगांव थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। विवेक के खिलाफ लखनऊ और अन्य स्थानों पर कुल 11 केस दर्ज होने की जानकारी मिली है। अंडमान-निकोबार के साइबर क्राइम थाने में भी उसके खिलाफ केस दर्ज है।
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