परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने विधान परिषद में कहा कि रोडवेज में वर्ष 2001 से पहले के शेष संविदा चालक और परिचालक भी स्थायी किए जाएंगे। इस दायरे में 17 परिचालक और 220 चालक आएंगे। सपा के सदस्य डॉ. मान सिंह यादव ने संविदा पर कार्यरत सभी चालकों-परिचालकों को नियमित करने की मांग की।
डॉ. मान सिंह यादव के सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री दयाशंकर ने बताया कि निगम में संविदा पर कुल 14115 चालक और 18088 परिचालक कार्यरत हैं। सपा सरकार के 31 दिसंबर 2016 के शासनादेश के तहत इन्हें रखा गया है। इन चालकों व परिचालकों के विनियमितीकरण की कार्यवाही उसी स्थिति में की जाएगी, जब इससे आने वाले अतिरिक्त व्यय भार को निगम स्वयं उठाने में सक्षम हो। इस पर डॉ. मान सिंह ने कहा कि सार्वजनिक निगम सरकार के अधीन है, इसलिए सरकार को नियमित करने का निर्णय लेना चाहिए। बता दें, वर्ष 2001 से पहले के काफी चालक-परिचालक पूर्व में ही स्थायी किए जा चुके हैं। प्रश्न प्रहर में सपा के आशुतोष सिन्हा ने जानना चाहा कि श्रम कार्यालय से कितने युवकों को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि श्रम एवं सेवायोजन विभाग से सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने के संबंध में कार्यवाही नहीं की जाती है।
श्रमिकों को अपने प्रदेश में ही मिल रहा है काम : सीएम
शिक्षक दल के ध्रुव त्रिपाठी ने कुशल, अकुशल और अर्ध कुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी संबंधी नियमों के प्रचार-प्रसार की मांग की। उन्होंने अर्ध कुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन कम होने का मामला भी उठाया। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि काफी बोर्ड लगाए गए हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में श्रमिकों का पंजीकरण का काम शुरू हुआ है। उनके बच्चों के लिए हर मंडल में अटल आवासीय विद्यालय बनाए गए हैं। रोजगार की दिशा में सरकार ने सात वर्ष में अनेक काम किए हैं। दूसरे राज्यों में काम करने वाले यूपी के श्रमिकों को अब प्रदेश में काम मिल रहा है। 120 चीनी मिलों का संचालन हो रहा है।
आउटसोर्सिंग कर्मियों की योग्यता का मामला उठा
भाजपा सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने पूछा कि आउटसोर्सिंग कार्मिक नीति के तहत कर्मियों के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता क्या है? आउटसोर्सिंग कंपनियों और श्रमिकों को किस दर से भुगतान किया जाता है। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि विभागों से सूचना लेकर जवाब दे सकेंगे। राजभर ने उपलब्धियों को रखते हुए कहा कि अटल आवासीय विद्यालयों से शीघ्र ही आईएएस-आईपीएस अफसर निकलेंगे। ध्रुव त्रिपाठी ने सिद्धार्थनगर की जेल में अधूरे कार्य पूर्ण कराए जाने की मांग की। कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि समयबद्ध ढंग से ये कार्य पूरे हो जाएंगे।