उत्तर प्रदेश परिवहन निगम व संभागीय परिवहन विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को अभियान चलाकर बिना परमिट व बीमा के सवारियां ढो रहीं 117 अवैध बसों को जब्त किया। अभियान में कुल 1001 बसों की जांच हुई, जिसमें 398 बसें अवैध निकलीं। इनका चालान काटा गया।
दरअसल, अवैध रूप से चल रहीं बसों से यात्रियों की जान जोखिम में पड़ती है। साथ ही रोडवेज को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसी बसों के खिलाफ शुक्रवार को चेकिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान परिवहन निगम व संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से चलाया।
इसमें सूबे के 20 जिलों के अफसरों ने हिस्सा लिया और कुल 1001 बसों की जांच की। इसमें 117 बसें ऐसी थीं, जो बिना परमिट और बीमा के सवारियां ढोती पकड़ी गईं। इस स्थिति में किसी प्रकार के बस हादसे में सवारियों को कोई मुआवजा नहीं मिलता। एमडी डॉ. राजशेखर के निर्देश पर बसों को थानों में बंद करवाया गया।
चेकिंग के दौरान 398 वाहनों के चालान काटे गए। सर्वाधिक बसें नोएडा, वाराणसी, गोरखपुर, गाजियाबाद क्षेत्र से पकड़ी गईं। बता दें कि बगैर परमिट अवैध बसों से रोडवेज को प्रतिदिन दो करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। दिल्ली, बिहार और राजस्थान की डग्गामार बसें भी उत्तर प्रदेश में अवैध रूप से संचालित हो रही हैं।