फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए हर दिन बनेगी रिपोर्ट, अधिकारियों को निरंतर जांच करने के निर्देश

Fri, 27 Jun 2025 10:38 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारियों को निरंतर जांच करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, अधिकारियों की भी गोपनीय जांच की जा रही है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश में खाद की कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग ने सभी अधिकारियों को फील्ड में उतार दिया है। इन्हें हर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कृषि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निरंतर जांच करते रहें। किसी भी स्थान पर यूरिया व डीएपी के साथ जिंक, मैग्नीशियम या अन्य कोई सामग्री लेने का दवाव बनाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

विज्ञापन


प्रदेश में धान मक्का सहित खरीफ की अन्य फसलों की बोआई शुरू हो गई है। ऐसे में खाद की खपत बढ़ गई है। खपत बढ़ने पर विभिन्न स्थानों पर निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद बेचने की शिकायतें मिल रही हैं। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही की जांच में इसकी पुष्टि भी हुई है।

ये भी पढ़ें - सेंट्रल जीएसटी : एक वर्ष में 13 फीसदी राजस्व की रिकॉर्ड वृद्धि, लखनऊ जोन ने कमाया 33 हजार करोड़ से ज्यादा का राजस्व
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  पुलिस ने पांच वर्ष में 4950 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ बरामद किए, 57 हजार से ज्यादा ड्रग ट्रैफिकर्स गिरफ्तार


इसे देखते हुए विभाग ने सभी जिला कृषि अधिकारियों से हर दिन खाद की बिक्री और मौजूदा स्टाक का ब्योरा मांगा जा रहा है। फील्ड में उतारे गए अधिकारी गोपनीय तरीके से जिलों में जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर गड़बड़ी करने वाले खाद विक्रेताओं और जिले के लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

सीमावर्ती जिलों में विशेष चौकसी : विभिन्न राज्यों से सटे जिलों में विशेष चौकसी बरती जा रही है। रबी सीजन में मिली शिकायत को ध्यान में रखते हुए आगरा, मथुरा, ललितपुर, महोबा, बांदा, चित्रकूट, सोनभद्र, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामुर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बिजनौर, सहारनपुर जिलों में दूसरे राज्यों से लगी सीमा पर स्थित बाजार की विशेष निगरानी की जा रही है। क्योंकि इन्हीं बाजारों से प्रदेश की खाद दूसरे राज्यों में जा सकती है।
विज्ञापन


सहकारी समितियों में खाद की कमी
प्रदेश की सहकारी समितियों में खाद की कमी है। किसान समिति से ही खाद लेने को वरीयता देते हैं। ऐसे में अब जिलों में निजी कंपनियों की रैक से 40 फीसदी खाद समितियों पर भेजने का निर्देश दिया गया है।

कृषि निदेशक डॉ. जितेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि खाद की कोई कमी नहीं है। दुकानदार किसानों से ज्यादा कीमत न वसूलें, इसलिए निगरानी बढ़ाई गई है। प्रदेश में करीब 25 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। विभिन्न कंपनियों की रैक जिलों में पहुंच रही हैं। कोई भी विक्रेता उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें