गुजरात मॉडल की धज्जियां उड़ाने वाले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अब इसे अपनाने का फैसला कर लिया है। जिसके अध्ययन के लिए उन्होंने एक टीम को अनुमति भी दे दी है।
रिमोट सेंसिंग तकनीक ने गुजरात में शहरी विकास का हुलिया बदला। अब यूपी भी इस तकनीक के उपयोग को बढ़ाएगा।
इसके लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से अनुमति मिलने के बाद लखनऊ स्थित रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर की टीम अहमदाबाद जा रही है।
सात सदस्यीय टीम की अगुवाई सेंटर के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप उज्ज्वल करेंगे। यह टीम चार दिन तक वहां अलग-अलग सेक्टर में रिमोट सेंसिंग की तकनीक के इस्तेमाल सीखेगी।
इस तरह गुजरात में हुआ काम
डॉ. उज्ज्वल ने बताया कि यह टीम अहमदाबाद 23 जुलाई को पहुंच जाएगी। इसके बाद वहां रिमोट सेंसिंग के उपयोग पर काम करने वाली राष्ट्रीय संस्था स्पेस एप्लीकेशंस सेंटर (सैक), जोधपुर टेकरा में तैयार तकनीक को स्थानीय वैज्ञानिकों से जानेगी।
सैक में वैज्ञानिकों के लिए प्रशिक्षण और तकनीक का प्रदर्शन भी किया जाना है। ताकि इस तकनीक का इस्तेमाल यूपी के आधारभूत ढांचे के विकास और संसाधनों के योजनाबद्ध उपयोग में होगा।
गुजरात सरकार ने रिमोट सेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल कर अपने यहां कई योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया।
इसके तहत शहरी विकास की योजनाओं से लेकर बिजली और पानी के स्रोत के उपयोग को बेहतर बनाने पर काम किया गया।
मोदी ने दिया बढ़ावा
नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान इसके उपयोग को बढ़ाने पर काफी काम किया। सैक मूलरूप से इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) का एक अंग है। यह तकनीक को विकास के लिए उपयोगी बनाने पर काम करता है।
ये वैज्ञानिक जा रहे हैं अहमदाबाद
- डॉ. कुलदीप उज्ज्वल, अध्यक्ष
- डॉ. देवेंद्र मिश्रा, निदेशक और वाटर रिसोर्स वैज्ञानिक
- डॉ. पी कुंवर, वन संसाधन वैज्ञानिक
- डॉ. ए उन्नयाल, अर्थ रिसोर्स वैज्ञानिक
- डॉ. पीसी गुप्ता, कृषि वैज्ञानिक
- डॉ. आरके उपाध्याय, कृषि वैज्ञानिक
- डॉ. एसकेएस यादव, भूभौतिकी वैज्ञानिक
इन क्षेत्रों में मिलेगा फायदा
- शहरी विकास की योजनाएं बनाने
- सिंचाई के स्त्रोत की मॉनिटरिंग करने
- फॉरेस्ट कवर पर निगाह रखने
- खनन की अवैध गतिविधियों को रोकने
- खाली पड़ी जमीन के उपयोग को बढ़ाने
इस पर यूपी के रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप उज्ज्वल का कहना है कि हमारा उद्देश्य गुजरात के विकास के मॉडल को सीखना नहीं है।
बल्कि रिमोट सेंसिंग पर काम कर रही सैक के तकनीक के इस्तेमाल को सीखने के लिए अहमदाबाद जा रहे हैं। ताकि इसका उपयोग यूपी के विकास में कर सकें।