निजी स्कूलों ने लॉकडाउन से प्रभावित अभिभावकों को बच्चों की फीस में राहत देने का निर्णय लिया है। संगठन अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने ऐसे अभिभावकों को 20 प्रतिशत तक की छूट देने का निर्णय लिया है। क्राइस्ट चर्च कॉलेज में आयोजित प्रेसवार्ता में संगठन ने इसकी घोषणा की।
संगठन में सीएमएस, जीडी गोयनका, एसकेडी एकेडमी, लखनऊ पब्लिक स्कूल, एकेडमी, होर्नर कॉलेज, पायनियर मोंटेसरी इंटर कॉलेज समेत शहर के तमाम निजी स्कूल शामिल हैं। संगठन अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन में जिन अभिभावकों की आमदनी इतनी प्रभावित हुई कि वे स्कूल फीस देने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, उन्हें निजी स्कूल प्रबंधन 20 प्रतिशत तक की रियायत देगा।
इसके लिए स्कूलों में आवेदन के साथ फीस न देने में असमर्थता के कारणों का प्रमाण भी देना होगा। उन्होंने बताया कि जिन अभिभावकों का व्यवसाय ठीक चल रहा है, निजी कंपनियों में काम करने वाले वे लोग जिन्हें नियमित वेतन मिल रहा है और सरकारी कर्मचारी, अधिकारियों को फीस में रियायत नहीं मिलेगी।
उन्होंने बताया कि शासन ने पहले ही मासिक फीस जमा करने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद भी यदि अभिभावक फीस देने में कतराते हैं तो उनके बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा से बाहर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भले ही स्कूल बंद हैं, लेकिन बिजली का बिल, टैक्स, स्टाफ का वेतन समेत कई खर्चे उठाने पड़ रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले शासन ने आदेश जारी कर अभिभावकों को मासिक फीस जमा करने का निर्देश दिया था। जो अभिभावक इसमें असमर्थता जता रहे थे, उन्हें स्कूल में साक्ष्य सहित आवेदन करने का भी निर्देश दिया था।