प्रदेश में कोविड मरीजों के होम आइसोलेशन और डिस्चार्ज पॉलिसी को नए सिरे से जारी किया गया है। विभिन्न बीमारियों की चपेट में रहने वाले मरीजों को भी चिकित्साधिकारी की जांच के बाद होम आइसोलेशन की अनुमति दी जा सकेगी। पॉजिटिव होने वालों को सातवें दिन डिस्चार्ज किया जाएगा, लेकिन 14 दिन बाद उनकी रिपोर्ट फिर से पॉजिटिव आती है तो संबंधित मरीज को नए मरीज के रूप में पंजीकृत किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने जारी पॉलिसी में स्पष्ट किया है कि लक्षण विहीन के पॉजिटिव होने पर ऑक्सीजन सेचुरेशन 94 फीसदी होने, बुखार के साथ अपर रेस्पेरेटरी ट्रैक में लक्षण होने पर होम आइसोलेशन में रखा जा सकेगा। इसी तरह सांस लेने में कठिनाई होने की स्थिति में भी ऑक्सीजन सेचुरेशन 94 फीसदी है तो होम आइसोलेशन में रह सकेंगे।
इसी तरह 60 वर्ष से अधिक उम्र के रोगियों में हाइपरटेंशन, डायबिटीज, हृदय रोगी, फेफड़े, लिवर, किडनी के मरीज, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता, अंग प्रत्यारोपण, कैंसर रोगी आदि को चिकित्साधिकारी की जांच के बाद होम आइसोलेशन की अनुमति दी जाएगी। पॉजिटिव होने वाले मरीजों को तीन दिन तक लगातार बुखार नहीं आने की स्थिति में सातवें दिन होम आइसोलेशन समाप्त हो जाएगा। अस्पताल में भर्ती होने वाले कैंसर, एचआईवी, अंग प्रत्यारोपण, रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले गंभीर मरीजों को एल 2 व एल3 अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। इन्हें पहले इंटेसिव केयर यूनिट( आईसीयू) और फिर स्टेप डाउन वार्ड में रखा जाएगा।
इन्हें मिलेगी चिकित्सक की सलाह
जिन लोगों को तीन दिन से 100 डिग्री से अधिक बुखार, सांस लेने में दिक्कत, आक्सीजन सेचुरेशन 94 फीसदी से कम, सीने में दर्द, मानसिक भ्रम की स्थिति है उन्हें नियंत्रण कक्ष के स्वास्थ्य अधिकारी से चिकित्सकीय सलाह दी जाएगी।
कोविड रोगियों की निगरानी
होम आइसोलेशन में रखे गए मरीजों की निगरानी समिति द्वारा हालचाल लिया जाएगा। रोगियों का विवरण नियमित पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा। प्रतिदिन 100 से कम नए केस वाले जिलों में होम आइसोलेशन के तीसरे एवं सातवें दिन, प्रतिदिन 200 तक नए मरीज वाले जिलों में होम आइसोलेशन के तीसरे दिन, 200 से अधिक मरीज वाले जिलों में सात दिन तक नियमित तौर पर हालचाल लिया जाएगा।