फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: यूपी में 1000 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का है लक्ष्य, पांच लाख से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार

Wed, 14 Jan 2026 01:40 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

यूपी में 1000 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे पांच लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। जीसीसी वह जगह होती है जहां कोई बड़ी विदेशी कंपनी अपने महत्वपूर्ण काम किसी बाहरी वेंडर से करवाने की जगह खुद के कर्मचारियों से करवाती है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी तेजी से विकसित होती अवसंरचना के कारण वैश्विक कंपनियों को दीर्घकालिक निवेश के लिए अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। उद्योग जगत के विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यूपी वैश्विक कंपनियों का एक बहुत बड़ा केंद्र बनेगा। इसी कड़ी में प्रदेश में 1000 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे पांच लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

विज्ञापन


ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर वह जगह होती है जहां कोई बड़ी विदेशी कंपनी अपने महत्वपूर्ण काम खुद के कर्मचारियों से करवाती है, न कि किसी बाहरी वेंडर से। उप्र जीसीसी नीति 2024 के माध्यम से योगी सरकार ने जिस नीतिगत स्पष्टता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को अपनाया है उससे वैश्विक कंपनियों की सबसे बड़ी चिंता दूर हुई है।

ये भी पढ़ें - गलन और ठिठुरन की चपेट में प्रदेश, धूप के बावजूद न्यूनतम तापमान ने बनाया रिकॉर्ड; ये शहर रहे हिल स्टेशन जैसे ठंडे
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यौन शोषण-धर्मांतरण के आरोपी डॉ. रमीज के खातों में हुआ संदिग्ध लेनदेन, विदेश से फंड जुटाने की आशंका


इनमें नियमों की अनिश्चितता और प्रक्रियाओं में देरी सबसे प्रमुख थी। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने स्पष्ट ढांचा तैयार किया है जिससे निवेशकों को शुरुआत से ही नियम शर्तें और दायित्व समझ में आ सकें। इससे भरोसे का वातावरण बना है निर्णय लेने की गति तेज हुई है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में इस समय लगभग 90 जीसीसी हैं।
विज्ञापन


स्थायी औद्योगिक ढांचे को दी जा रही प्राथमिकता
भूमि आधारित प्रोत्साहन, निवेश की शुरुआती लागत को घटाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। सरकार की सोच है कि जब निवेशक को शुरुआती चरण में संरचनात्मक सहयोग मिलेगा तो वह लंबे समय तक प्रदेश से जुड़ा रहेगा। यही कारण है कि अस्थायी ऑफिस या किराए की व्यवस्था के स्थान पर स्थायी औद्योगिक ढांचे को प्राथमिकता दी जा रही है। यह मॉडल प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूत और स्थिर बनाने में अहम है। राज्य सरकार का जोर केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, इसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर भी है। इसके लिए जवाबदेही तय की गई है जिससे परियोजनाएं तय समय में पूरी हो सकें।

बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के जरिये प्रदेश में हाई वैल्यू रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। सूचना प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, डाटा और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल रहा है। इससे न केवल प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता सुदृढ़ होगी बल्कि प्रतिभा पलायन पर भी प्रभावी रूप से नियंत्रण होगा। विशेष रूप से कम विकसित क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित कर सरकार क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। जब वैश्विक कंपनियां इन क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगी तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें