उत्तर प्रदेश फार्मास्युटिकल क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। इस दिशा में राज्य सरकार ने पहल करते हुए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
समझौता बुंदेलखंड के ललितपुर जिले में यूपीसीडा की ओर से विकसित किए जा रहे फार्मा पार्क को लेकर किया गया है। परियोजना के तहत कुल 1472 एकड़ भूमि पर फार्मास्युटिकल उद्योग लगाए जाएंगे। यह समझौता पांच साल तक प्रभावी रहेगा। आईआईटी-बीएचयू का फार्मास्युटिकल इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी विभाग परियोजना में मुख्य भूमिका निभाएगा।
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फार्मा पार्क में कार्यरत कंपनियों को योग्य मानव संसाधन, अनुसंधान सहयोग और तकनीकी समाधान मिलेंगे। इस समझौते से न केवल औद्योगिक विकास को बल मिलेगा, बल्कि बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र को भी सामाजिक और आर्थिक समृद्धि मिलेगी।
ये होंगे समझौते के मुख्य बिंदु
-कंपनियों को संस्थान के छात्रों को नौकरी देने के लिए सरकार प्रोत्साहित करेगी
-विशेष कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव आयोजित किए जाएंगे
-संयुक्त समिति बनाकर छात्रों के प्लेसमेंट की रणनीति बनेगी
-कौशल विकास और प्रशिक्षण दिया जाएगा
-इंडस्ट्री की आवश्यकताओं के मुताबिक कोर्स में बदलाव किए जाएंगे
-छात्रों को इंटर्नशिप और प्रशिक्षण के अवसर दिए जाएंगे
-संयुक्त शोध परियोजना और फैकल्टी-इंडस्ट्री एक्सचेंज प्रोग्राम पर काम होगा
-टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की पहल को बढ़ावा मिलेगा
प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है समझौता
यह समझौता उत्तर प्रदेश की औद्योगिक यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव है। हमारा उद्देश्य केवल जमीन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समावेशी और सशक्त औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है।
- मयूर माहेश्वरी, सीईओ यूपीसीडा
हम इस साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं। संस्थान के पास फार्मास्युटिकल क्षेत्र की चुनौतियों से निपटने की तकनीकी क्षमता है। हम नॉलेज पार्टनर के रूप में योगदान देंगे।
- प्रो. राजेश कुमार, डीन आईआईटी बीएचयू