प्राकृतिक और लैब में तैयार हीरे की कीमत में 20 गुना से भी ज्यादा का अंतर है। शुरू में सराफा व्यापारियों को भी इसकी जानकारी नहीं थी। इसलिए तमाम बड़ी डायमंड कंपनियां असली बताकर लैब डायमंड बेचकर मालामाल हो गईं और लोग धोखाधड़ी का शिकार हो गए। कारोबारियों के मुताबिक नीरव मोदी ने भी यही खेल किया और उन्हें मोहरा बनाकर बाजार में लैब वाले हीरे बेच दिए। अब असली-नकली के चक्कर में दस हजार करोड़ का डायमंड मार्केट धड़ाम हो गया। असली हीरों की कीमत 25 फीसदी से ज्यादा गिर गई है क्योंकि 40 फीसदी बाजार नकली ने काट ली है। इससे हीरे का बिक्री पर गारंटीड रिटर्न ही खत्म हो गया। आज के भाव में खरीदें, जब भी बेचने आएंगे तो उस दिन के भाव में बिकेगा।
असली हीरे की बात करें तो भारत में एक कैरेट हीरे की कीमत लगभग 50 हजार से शुरू होती है। यह हीरे की गुणवत्ता के आधार पर दस लाख रुपये तक जा सकती है।
सस्ते होंगे हीरे
लैब में तैयार हीरों ने असली हीरों को काफी नुकसान पहुंचाया है। अभी रिएक्टर और सस्ते होंगे तो इनसे तैयार हीरों की कीमतें और कम होंगी। हीरा असली है या लैब में बना, इसकी पहचान के तीन तरीके हैं। पहला सर्टिफाइड जेमोलॉजिस्ट इसे परख सकता है। सीवीडी टेस्टिंग मशीन है जिसकी कीमत ही 15 लाख से शुरू होती है। तीसरा- अपने हीरे को इंटरनेशनल लैब से प्रमाणित कराएं और उसका प्रमाणपत्र लें।- श्रेयांश कपूर, इंटरनेशनल जेमोलॉजिस्ट, जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ अमेरिका, कैलिफोर्निया