उत्तर प्रदेश में आईटीआई और राजकीय पॉलीटेक्निक के बाद अब तकनीकी विश्वविद्यालयों और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी विद्यार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा। इसके लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग टाटा के सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगा। अनुपूरक बजट में इसके लिए दो लाख रुपये की टोकन राशि का प्रावधान किया गया है।
योजना के तहत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू), हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू), मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी), राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों और अन्य प्राविधिक संस्थानों में ये केंद्र स्थापित होंगे। टाटा अत्याधुनिक मशीनें उपलब्ध कराएगा और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार करेगा।
प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल ने बताया कि 90 राजकीय पॉलीटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए पहले ही बजट स्वीकृत हो चुका है। शेष 31 राजकीय पॉलीटेक्निक के लिए अनुपूरक बजट में 382 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे प्रदेश की सभी 121 राजकीय पॉलीटेक्निक में टाटा की लैब स्थापित हो सकेगी। राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए 101 करोड़ रुपये तथा प्राविधिक शिक्षा विभाग के एकीकृत कार्यालय के लिए दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इंजीनियरिंग संस्थानों में निर्माण के लिए बजट
बीआईटी झांसी को निर्माण कार्यों के लिए 11 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर, इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्रावास निर्माण, इंजीनियरिंग कॉलेज कन्नौज, एचबीटीयू कानपुर और तकनीकी विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के भवनों के जीर्णोद्धार के लिए पांच-पांच करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय के प्रशिक्षण प्रखंड के संचालन के लिए 1.98 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं।