फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: सीएम योगी का सख्त एक्शन, अनियमितता और लापरवाही पर दो चकबंदी अधिकारी समेत चार सस्पेंड

Wed, 11 Sep 2024 01:23 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

चकबंदी संबंधी मामलों के निपटारे में लेटलतीफी, लापरवाही और अनियमितता पर सीएम योगी ने सख्त एक्शन लिया है। यूपी के दो चकबंदी अधिकारी सस्पेंड कर दिए गए। 
विज्ञापन
सीएम योगी ने लिया सख्त फैसला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चकबंदी संबंधी मामलों के निपटारे में लेटलतीफी, लापरवाही और अनियमितता पर दो चकबंदी अधिकारियों समेत तीन कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही कई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई है।

विज्ञापन


चकबंदी आयुक्त जीएस नवीन कुमार ने बताया कि महाराजगंज के ग्राम बैठवलिया में प्रारंभिक चकबंदी योजना तैयार करने में अनियमितता पर सहायक चकबंदी अधिकारी अखिलेश चंद्र श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है। बांदा के ग्राम सिलेहटा में अनियमितताओं पर चकबंदी अधिकारी शैलेंद्र श्रीवास्तव को निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। साथ ही तत्कालीन चकबंदीकर्ता कामता प्रसाद को निलंबित करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

चकबंदी आयुक्त ने बताया कि बिजनौर में चल रही चकबंदी में अनियमितता को लेकर विभिन्न गांव के किसानों ने शिकायत की थी। इस पर जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट के बाद निदेशालय स्तर पर समिति गठित कर जांच कराई गई। जांच में चकबंदी के दौरान अनियमितता की शिकायत सही मिलने पर तत्कालीन बंदोबस्त अधिकारी विजय कुमार को निलंबित कर दिया गया है। विजय कुमार वर्तमान में मुजफ्फरनगर में बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) के पद पर तैनात हैं।
विज्ञापन


लखनऊ नगर निगम से चकबंदी लेखपाल का संबद्धीकरण समाप्त
लखनऊ नगर निगम के अपर नगर आयुक्त ने अपने यहां संबद्ध मिर्जापुर के चकबंदी लेखपाल राजेंद्र कुमार यादव की अनियमितताओं की शिकायत की थी। इस पर संबद्धीकरण तत्काल प्रभाव से समाप्त करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।



इनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई
गोंडा के बंदोबस्त अधिकारी (चकबंदी) देवेंद्र सिंह, आजमगढ़ के चकबंदी अधिकारी (सेवानिवृत्त) शैल राजीव कमल और सहायक चकबंदी अधिकारी (सेवानिवृत्त) मोहन लाल श्रीवास्तव, राधेश्याम वर्मा, चक्रधर त्रिगुनायत व जैनेंद्र प्रताप के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मुजफ्फरनगर में चकबंदी कार्यों में अनियमितता पर तत्कालीन चकबंदी अधिकारी वीरेंद्र प्रकाश के खिलाफ पिछले दस वर्ष से चल रही जांच रिपोर्ट अब तक निदेशालय को न दिए जाने पर जांच अधिकारी व उप संचालक चकबंदी का जवाब-तलब किया गया है। इसके अलावा सिलेहटा (बांदा) के ही मामले में पूर्व में निलंबित चकबंदी अधिकारी राणा प्रताप, सहायक चकबंदी अधिकारी अरुण नारायण सिंह और चकबंदी लेखपाल विकास सिंह के खिलाफ अतिरिक्त आरोप पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें