ऑन डिमांड बनाता था एमडीएमए
आरोपी मुजीब ने पूछताछ में यह भी बताया है कि वह पिछले काफी समय से खरीददारों की मांग के हिसाब से ड्रग बना कर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों और अन्य प्रदेशों में सप्लाई कर रहा था। इस संबंध में अभय सिंह व उसका भाई अनुज सिंह भी जुड़ा है। पकड़े गए आरोपी मुजीब और मुकेश के खिलाफ गोसाईंगंज थाने में मादक पदार्थ तस्करी के तहत केस दर्ज कराया गया है।
तीन से छह घंटे तक रहता है असर
एमडीएमए यानि मेथिलीनडाइऑक्सी-एन-मेथेम्फेटामाइन एक दवा है जो अवैध रूप से बनाई जाती है। यह एक उत्तेजक दवा है जो मतिभ्रम पैदा कर सकती है। इसे डिजाइनर ड्रग के रूप में जाना जाता है क्योंकि इसे नशे का एहसास दिलाने के उद्देश्य से बनाया गया था। यह टेबलेट और पाउडर के रूप में मिलती है।
इस दवा का प्रभाव 30 से 45 मिनट में शुरू होता है और तीन से छह घंटे तक रहता है। एमडीएमए की गोलियां अलग-अलग रंगों और आकारों में आती हैं। इसका प्रयोग करने वाले को लगता है कि यह दवा उन्हें अच्छा महसूस कराएगी और कई दिनों तक बिना आराम के काम करने में मदद करेगी। लेकिन एमडीएमए का इस्तेमाल करने वाले लोग यह नहीं जानते कि यह दवा कितनी खतरनाक है।