फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News : पीएम का सचिव और यूपी सीएम का प्रोटोकॉल अफसर बन करोड़ों की ठगी, दो शातिर गिरफ्तार

Mon, 16 Oct 2023 06:04 AM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपीएसटीएफ ने रविवार को लखनऊ से दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल अफसर व सुकरात विवि का वीसी बनकर लोगों को जाल में फंसाकर उनसे ठगी करते थे। 
विज्ञापन
राम शंकर उर्फ आशीष गुप्ता व अरविंद त्रिपाठी उर्फ गुरूजी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एसटीएफ ने शनिवार शाम विभूतिखंड से दो शातिर ठगों को गिरफ्तार कर गिरोह का राजफाश किया। आरोपी पीएम का सचिव और यूपी सीएम का प्रोटोकॉल अफसर बन ठगी को अंजाम देते थे। अब तक सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं। शातिर मुख्य रूप से लोगों को जाल में फंसाकर ट्रांसफर-पोस्टिंग, राजनीतिक पद दिलाने, सरकारी नौकरी व टेंडर दिलाने के नाम पर ठगी करते थे। गिरोह में कई और सदस्य भी शामिल हैं। उनकी तलाश एसटीएफ कर रही है।

विज्ञापन


एसटीएफ के एएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि पीलीभीत के बीसलपुर निवासी रामशंकर गुप्ता उर्फ आशीष कुमार गुप्ता और अशोक विहार दिल्ली के रहने वाले अरविंद त्रिपाठी उर्फ गणेश त्रिपाठी उर्फ गुरुजी को गिरफ्तार किया गया है। रामशंकर वर्तमान में अलीगंज की विष्णुपुरी कालोनी में किराए पर रहता था। पूछताछ में आरोपी रामशंकर गुप्ता ने बताया कि उसने अपना फर्जी नाम डॉक्टर आशीष कुमार गुप्ता रखा। वह लोगों से इसी पहचान से मिलता था। 

ये भी पढ़ें - इंडिया गठबंधन: मध्य प्रदेश में पहली बार मिलकर चुनाव लड़ेंगे सपा और कांग्रेस, जानिए किसे मिलेंगी कितनी सीटें
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी में इंडिया गठबंधन: सपा ने कांग्रेस से पूछा कौन-कौन सी सीटें चाहिए, साथ ही प्रत्याशी का नाम भी बताएं
विज्ञापन


एएसपी के मुताबिक जिस विभाग व कार्य संबंधी शख्स से आरोपी मिलते थे, वह उसी से संबंधित अधिकारी बन जाते थे। जिससे उनको विश्वास हो जाए कि वह उसका काम करवा सकते हैं। अब तक की जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले तीन-चार वर्षों से सक्रिय थे। इसी तरह से अलग-अलग शहर के लोगों के साथ ठगी करते थे। आरोपी अरविंद त्रिपाठी योग गुरु है। वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा है। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि गिरोह के अन्य लोग भी इसी तरह से कोई पीएमओ कार्यालय तो कोई आईएएस, पीसीएस या यूपी सीएम का सुरक्षा अधिकारी बन लोगों से ठगी करते हैं। गिरोह सदस्य ही एक दूसरे को अफसर आदि बनाकर लोगों से मिलवाते थे।

बरामदगी
आरोपियों के पास से सीएम के प्रोटोकॉल अधिकारी, विवि के वीसी व सुप्रीम कोर्ट दिल्ली एसोसिएशन समेत 14 आईडी कार्ड। विशेष सचिव निवेश यूपी, व विवि वीसी के लैटर हेड। विविजिटिंग कार्ड, हिन्दुस्तान स्काउट एंड गाइड से संबंधित कागजात, पीआरडी जवान वर्दी व बैच। अलग-अलग सरकारी विभाग के अलग-अलग पदों के फर्जी नियुक्ति पत्र व प्रवेश पत्र। एक कार और ट्रांसफर पोस्टिंग समेत दर्जनों प्रार्थना पत्र बरामद हुए।
 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें