रंजन ने बताया कि 2008 में झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री मधुकोड़ा बनकर झारखंड में ही मंत्री अर्जुन मुंडा को कॉल कर 40 लाख रुपये अपने साथी आलोक कुमार निवासी जहानाबाद के खाते में जमा कराए थे। इसका मुकदमा थाना लालपुर जिला रांची में दर्ज है।
2010 में पटना का डीएम बनकर पटना के ही बीडीओ से 40 हजार रुपये फर्जी नाम पते के खाते में जमा कराए। 2011 में बिहार के 10 जिलों के डीएम के नाम पर एडीएम और एसडीएम से 10 लाख रुपये से अधिक जमा कराए थे। इन मामलों में वह गिरफ्तार भी हो चुका है।