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UP: प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन -3 में आगे कार्यवाही पर 17 फरवरी तक बढ़ी रोक, होगी फाइनल सुनवाई

Mon, 02 Feb 2026 03:33 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मामले में राज्य सरकार के जवाब में याचियों का  प्रतिउत्तर दाखिल कर दिया गया है। 17 फरवरी को मामले में फाइनल सुनवाई होगी।
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- फोटो : ANI
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सोमवार को प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन -3 मामले में आगे किसी कार्यवाही पर दो फरवरी तक लगी रोक, 17 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी है। उस रोज मामले की फाइनल सुनवाई होगी।

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मामले में राज्य सरकार द्वारा दाखिल जवाब पर याचियों के वकीलों ने प्रतिउत्तर दाखिल कर दिया है। याची शिक्षकों के वरिष्ठ अधिवक्ता एच जी एस परिहार ने बताया कि कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को नियत करके अंतरिम आदेश दिया था कि मामले की अगली सुनवाई की तिथि तक बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर, समायोजन -3 मामले में आगे कोई कार्यवाही नहीं करेंगे।

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पहले, कोर्ट ने कहा था कि इस अंतरिम आदेश की राहत, इस याचिका के साथ संबद्ध अन्य याचिकाओं के याची शिक्षकों को भी उपलब्ध होगी। कोर्ट ने यह आदेश प्राथमिक शिक्षकों के समायोजन/ स्थानांतरण - 3 के शासनादेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर दिया।

न्यायमूर्ति श्रीप्रकाश सिंह की एकल पीठ ने यह आदेश बाराबंकी की संगीता पाल समेत 29 प्राथमिक शिक्षकों की याचिका व अन्य संबद्ध याचिकाओं पर दिया। याचिकाओं में 14 नवंबर 2025 के बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी शिक्षकों के समायोजन/ स्थानांतरण के शासनादेश को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया है। 
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याचियों का कहना था कि यह शासनादेश आरटीई अधिनियम समेत बेसिक शिक्षा अधिनियम, 1972 के नियमों का उल्लंघन करने वाला है। इसके नियम 21 के तहत शिक्षक की सहमति के बाहर समायोजित न किए जाने की दलील दी। कहा इस समायोजन से जहां शिक्षकों की वरिष्ठता पर असर पड़ रहा है, वहीं निर्धारित छात्र- शिक्षक अनुपात प्रभावित होने जैसी अन्य विसंगतियां भी पैदा हो रही हैं।

उधर, मामले में राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनुज कुदेसिया पेश हुए। कोर्ट ने अगली सुनवाई, 17 फरवरी तक याचियों को मामले में पहले मिली अंतरिम राहत बढ़ा दी है।

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