राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने क हा कि ऊर्जा प्रबंधन आपूर्ति में रिकॉर्ड कायम करने का दावा कर रहा है। प्रबंधन बताए कि रिकॉर्ड आपूर्ति कितने देर तक रही। क्योंकि उपभोक्ताओं को रिकॉर्ड नहीं राहत चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपभोक्ता बिजली कटौती से परेशाना हैं। लोगों की रात की नींद उड़ी हुई है। ग्रामीण इलाके का बुरा हाल है। हर जिले से उपभोक्ताओं की शिकायत मिल रही है। इसके बाद भी ऊर्जा मंत्री लगातार रिकॉर्ड आपूर्ति का दावा कर रहे हैं। प्रदेश में उपभोक्ताओं का पसीना रोकने के लिए बिजली कंपनियों को ब्रेकडाउन अटेंड करने के लिए संविदा कार्मिकों की गैंग बढ़ाने की जरूरत है।
अभियंताओं को फील्ड में ज्यादा से ज्यादा तैनात करना होगा। ताकि कम से कम कटौती हो सके। प्रदेश में लगभग 3 करोड़ 73 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। कुल विद्युत भार करीब 8 करोड़ 57 लाख किलोवाट तक पहुंच चुका है। ऐसे में यदि पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो तो प्रदेश की वास्तविक मांग 35,000 मेगावाट से भी ऊपर जा सकती है। वर्तमान में पावर कारपोरेशन के पास यदि 35000 मेगावाट से ज्यादा बिजली उपलब्ध हो तो वहां तक रिकॉर्ड बन सकता है। रिकार्ड बनाना आसान है, लेकिन शहरों से लेकर गांवों तक लोगों को अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और घंटों बिजली बाधित रहने की समस्या से निजात दिलाने की दिशा में कार्य करने की ज रूरत है।