विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की शनिवार को हुई बैठक में तय किया गया कि निजीकरण के विरोध में एक जनवरी से काली पट्टी बांध कर विरोध दर्ज कराया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई के विरोध में एक जनवरी, 2026 को सभी जिलों में विरोध दिवस मनाया जाएगा। बिजली कर्मी पूरे दिन दाहिने हाथ पर काली पट्टी बंधेंगे और भोजन अवकाश अथवा कार्यालय समय के बाद प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान बिजली कर्मियों के घर पर स्मार्ट मीटर लगाने के आदेश की निंदा की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि रियायती बिजली की सुविधा इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म एक्ट 1999, यूपी ट्राॅन्सफर स्कीम 2000 और इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के प्रावधानों के अनुसार मिल रही है। इसमें कोई भी छेड़छाड़ इन अधिनियमों का उल्लंघन है, जिसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।