जारी आदेश के अनुसार राज्य सरकार के नियमित, पूर्णकालिक कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक संस्थाओं के कर्मचारियों, शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारियों तथा कार्य प्रभारित कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का लाभ मिलेगा। एक जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक के डीए एरियर का भुगतान सीधे नकद नहीं किया जाएगा। यह राशि कर्मचारियों के भविष्य निधि (जीपीएफ) अथवा राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) खातों में जमा की जाएगी। मई 2026 के वेतन से कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का नकद भुगतान शुरू होगा।
आदेश में कहा गया है कि जिन कर्मचारियों का जीपीएफ खाता नहीं है, उनकी एरियर राशि पीपीएफ या राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र के रूप में जमा कराई जाएगी। वहीं, जो कर्मचारी 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं या 30 अप्रैल 2026 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें डीए एरियर का भुगतान नकद किया जाएगा। राज्य सरकार ने यह फैसला केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत किए जाने के बाद लिया है।
महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि से सरकारी खजाने पर भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा। इससे सरकार पर सालाना करीब 1300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ सकता है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में डीए में तीन प्रतिशत वृद्धि पर सरकार ने करीब 1960 करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय का अनुमान जताया था।