प्रस्तुति के दौरान सांसद राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी ने कहा कि लखनऊ का विकास शहरीकरण की वजह से हुआ। इसी तरह बाराबंकी व उन्नाव आदि जनपदों में भी शहरीकरण के लिए विस्तृत प्लान तैयार कराने की जरूरत है। इन जनपदों में पेयजल एवं विद्युत की कितनी खपत है, आबादी के अनुपात में स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य मूलभूत सुविधाओं का क्या दायरा है? इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना बनानी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 16 करोड़ पर्यटक अयोध्या आ रहे हैं। इन्हें लखनऊ व एससीआर के अन्य जनपदों से कैसे जोड़ा जाए, इसके लिए भी विस्तृत योजना तैयार की जाए। इसके अलावा सीतापुर व हरदोई रोड पर कृषि आधारित उद्योगों का हब विकसित करने के लिए रूपरेखा तैयार की जाए।
एलडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली में आधारभूत सुविधाओं को उच्चीकृत करने पर काम किया जा रहा है। इस क्रम में जनपदों के बीच हाई स्पीड रेल एवं रोड कनेक्टिविटी का प्रावधान किया जा रहा है। आवागमन तेज और सुगम होने से औद्योगिक व व्यावसायिक विकास को बल मिलेगा। इससे बड़ी तादाद में रोजगार के अवसर सृजित होंगे और प्रदेश का आर्थिक विकास होगा।