पंचायतीराज निदेशक ने छह और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को निलंबित कर दिया है। दो को इसके पहले निलंबित किया जा चुका है। इन सभी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करते हुए जांच बैठा दी गई है। यह कार्रवाई सामुदायिक शौचालयों के निर्माण कराने में शिथिलता, निर्मित सामुदायिक शौचालयों को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को हैंडओवर न करने तथा सामुदायिक शौचालय की देखरेख के लिए नियुक्त एसएचजी की महिलाओं को भुगतान न करने जैसे आरोपों में अलग-अलग की गई है।
बताते चलें, पिछले महीने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में टीम-9 की बैठक में यह बात सामने आई थी कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत बनाए गए सामुदायिक शौचालयों की रखरखाव के लिए नियुक्त स्वयं सहायता समूह की महिला कर्मियों को कई जिलों में भुगतान नहीं हो रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पर नाराजगी जताई थी और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज ने निदेशक पंचायतीराज से ऐसे ग्राम सभाओं को चिह्नित करने का निर्देश दिया था जहां पर स्वयं सहायता समूह की महिला कार्मिकों को सामुदायिक शौचालयों के रख-रखाव के लिए स्वीकृत धनराशि हस्तांतरित नहीं की गई है।
उन्होंने ऐसी ग्राम पंचायतों के प्रशासक व संबंधित जिले के जिला पंचायत राज अधिकारियों के नाम की सूची शासन को उपलब्ध कराने को कहा था। निदेशक ने इस संबंध में कार्यवाही करते हुए सामुदायिक शौचालयों के निर्माण, हैंडओवर करने व महिला कार्मिकों के भुगतान की प्रदेश भर में जांच का आदेश किया था। अब मंडलीय उप निदेशक पंचायत के स्तर से दी जा रही रिपोर्ट पर जिम्मेदार कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। निदेशक पंचायतीराज किंजल सिंह ने निलंबित अधिकारियों को पंचायतीराज निदेशालय से संबद्ध कर दिया है। इनके खिलाफ उपनिदेशक पंचायत स्तर के अधिकारियों से जांच कराई जा रही है।
ये किए गए निलंबित
- श्रीकांत मिश्रा, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) विकास खंड फतहपुर, मऊ।
- शशि भूषण मिश्रा, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) विकास खंड कोन, सोनभद्र।
- राम शिरोमणि पाल, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) विकास खंड करमा, सोनभद्र।
- वीरेंद्र पाल, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) विकास खंड सरवन खेड़ा, कानपुर देहात।
- ओंकार सिंह, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) विकास खंड कायमगंज, फर्रुखबाद।
- नंद कुमार राय, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) विकास खंड दोहरीघाट, मऊ।
असत्य बोलने के आरोप में बरेली के डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि
बरेली के प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी (सहायक जिला पंचायतराज अधिकारी प्राविधिक) धर्मेंद कुमार को अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज की बैठक में असत्य व भ्रामक जानकारी देने के आरोप में प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी गई है। आरोप के मुताबिक धर्मेंद्र ने बैठक में बताया कि विकास खंड भोजीपुरा की ग्राम पंचायत खजुआ जागीर, मुडिया हाफिज व बिल्वा की परियोजनाओं की सक्षम स्तर से निर्गत तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति की प्रति धनरराशि आवंटन के लिए निदेशालय को ई-मेल पर भेज दी गई है। निदेशक पंचायतीराज किंजल सिंह ने पड़ताल में इस जानकारी को असत्य मानते हुए प्रशासनिक शिथिलता के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए प्रतिकूल प्रविष्ठि दे दी।