निर्माणाधीन मकान में मिली लाश
तेंदुआ दियरा गांव में बृहस्पतिवार सुबह अजय का शव उनके निर्माणाधीन मकान में मुख्य चैनल गेट के पास तख्त पर खून से लथपथ मिला था। उनके गले में गमछा कसा था और सिर पर धारदार हथियार से वार के निशान थे। पैर के अंगूठे में बिजली का तार लगा था जिसमें करंट प्रभावित हो रहा था। ग्रामीणों ने तार हटाने के बाद पुलिस को सूचना दी थी। मौके से किचन में एक धारदार हथियार (टेंगरी) और चाकू मिला जिस पर खून के निशान थे।
मौत को हादसा दिखाने की हुई कोशिश
घटना की सूचना मिलते ही एसपी प्राची सिंह और सीओ अनूप कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। बहन उर्मिला देवी की तहरीर पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच के दौरान पुलिस ने शक के आधार पर सोनी शुक्ला और उसके भतीजे अनिरुद्ध शुक्ला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। एसपी ने बताया कि पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की।
जमीन के लालच में मृतक के बड़े भाई राजेश शुक्ला ने सूरत में साजिश रची थी। अनिरुद्ध 17 अगस्त को अपनी मौसी सोनी के साथ गुजरात से लौटा था। अगले दिन उसने अजय से मुलाकात की। 19 अगस्त की रात वह अजय को शराब पिलाने के बहाने नेमपुर घाट ले गया।
वहां से लौटने के बाद नशे की हालत में अजय को किचन में ले जाकर सिर पर चाकू से वार किया और फिर गमछे से गला घोंट दिया। अजय के अचेत होने के बाद उसे उठाकर तख्त पर लिटाया गया और पैर में बिजली का तार लगाकर करंट प्रवाहित किया गया ताकि मौत को हादसा दिखाया जा सके