IPS officer mother murder
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नौकरों से गहन पूछताछ जारी
मालीपुर के रूढ़ा धमरुआ गांव में बीते 16 अगस्त की सुबह आईपीएस अफसर आशुतोष मिश्रा की 91 वर्षीय मां इंद्रावती देवी का शव मिला था। परिजनों की सूचना पर पहुंचे आशुतोष मिश्रा ने हत्या और जेवर लूटने का आरोप लगाते हुए अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस घटना को तीन दिन बीत चुके हैं। खुलासे के लिए गठित चार टीमें अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही हैं। मृतका के रिश्तेदारों से लेकर उनके घर पर आने वाले नौकर-चाकरों से गहन पूछताछ हो रही है।
एक दर्जन से अधिक लोग पुलिस के रडार पर हैं। तमाम जद्दोजहद के बावजूद अब तक पुलिस के हाथ ऐसा कुछ नहीं लगा है जो उसे गायब जेवरों तक पहुंचने में मदद कर सके। इस हाई प्रोफाइल मामले में खुलासे, जेवर बरामदगी के झूठे दावों पर मंगलवार शाम को आशुतोष मिश्रा ने कड़ी नाराजगी जताई और पुलिस से किसी भी निर्दोष को झूठा न फंसाए जाने की अपील भी की थी। इसकी गूंज एक बार फिर राजधानी तक सुनाई दी।
सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों के बीच चर्चा होना शुरू हो गई। बुधवार दोपहर डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा एसपी प्राची सिंह के साथ गांव पहुंचे। यहां करीब 30 मिनट तक आशुतोष मिश्रा से विभिन्न बिंदुओं पर वार्ता की। घटना के बारे में फिर से जानकारी ली। घर का मौका मुआयना भी किया। डीआईजी ने बताया कि पूरे मामले में सभी बिंदुओं पर पड़ताल चल रही है। जल्द ही घटना का राजफाश कर लिया जाएगा।
मालीपुर के रूढ़ा धमरूआ गांव में आईपीएस आशुतोष मिश्रा के घर के बाहर मौजूद जनप्रतिनिधि व परिजन
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बरामदगी के दावों को एसपी ने बताया बेबुनियाद
एसपी प्राची सिंह बुधवार को मीडिया से रूबरू हुईं और उन्होंने प्रसारित जेवरात बरामदगी के दावों को बेबुनियाद बताया है। एसपी ने कहा कि तहरीर के आधार पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर जेवरात बरामदगी की खबरें प्रसारित हो रही हैं।
घटना के बाद कुछ वस्तुएं घर पर मिली थीं जिन्हें परिजनों को सौंप दिया गया था। परिवार के लोगों के साथ हमारी शोक संवेदनाएं हैं। उनकी रजामंदी से पूछताछ की जा रही है और वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। किसी निर्दोष को जेल भेजने का कोई औचित्य नहीं है। उसी के विरुद्ध कार्रवाई होगी जिसके पास जेवरात बरामद होंगे। बहुत जल्द घटना का सही खुलासा करेंगे।