हाड़ कंपा देने वाली सर्दी से प्रदेश में 31 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा मौतें पूर्वांचल के भदोही व अवध के बलरामपुर जनपद में हुईं। दोनों जिलों में ठंड के चलते रविवार रात से सोमवार तक पांच-पांच व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया।
अवध क्षेत्र में जारी ठंड के कहर ने 12 लोगों की जान ले ली। अकेले बलरामपुर में पांच, बाराबंकी में तीन और सीतापुर और श्रावस्ती में दो-दो लोग ठंड का शिकार हुए।
सोमवार को बहराइच और सीतापुर अवध में सबसे ठंडे रहे। यहां न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया।
पूर्वांचल में भी ठंड का कहर जारी है। रविवार रात से सोमवार तक ठंड लगने से 17 लोगों की मौत हो गई। गाजीपुर, वाराणसी, जौनपुर व आजमगढ में दो-दो लोगों न दम तोड़ा तो मऊ में एक व्यक्ति की मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश में भी लोगों पर ठंड कहर बनकर टूट रही है। ठंड लगने से मुजफ्फरनगर व हाथरस जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।
अभी ठंड से राहत की उम्मीद नहीं
पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण सूबे में ठंड का कहर थम नहीं रहा है। गलन व ठिठुरन से प्रदेशवासियों का जीना दुश्वार हो रहा है।
सोमवार को चुर्क सूबे में सबसे सर्द रहा, यहां न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि वहां अधिकतम तापमान 21.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
जबकि राजधानी में न्यूनतम तापमान 7.4 व अधिकतम तापमान 12.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
ऐसे ही नजीबाबाद में न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री सेल्सियस, मुजफ्फरनगर व मेरठ में 3.2, झांसी में 4, शाहजहांपुर में 4.4 और आगरा में 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हालांकि मौसम विज्ञानियों की मानें तो आने वाले दिनों में हालाता संवरने के आसार हैं। गलन व ठिठुरन से लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन मखमली धूप के लिए लोगों को अभी भी इंतजार करना पड़ेगा।
धुंध व कोहरे की चादरें फिलहाल प्रदेश को अपने चंगुल से फंसाए रखेंगी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में लोगों को गलन व ठिठुरन से कुछ राहत मिलने की संभावना है। लेकिन धूप के लिए लोगों को अभी भी इंतजार करना पड़ेगा।