प्रदेश के लिए आगे की चुनौती
हुरुन इंडिया के संस्थापक एवं मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद के अनुसार, इस वर्ष की सूची का सबसे बड़ा आकर्षण इसका व्यापक दायरा है। अब भारत में महिला नेतृत्व केवल कॉरपोरेट बोर्डरूम तक सीमित नहीं रह गया है। ओलंपिक और पैरालंपिक पदक विजेता, स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और सामाजिक बदलाव की अगुआ महिलाएं भी नेतृत्व की नई परिभाषा गढ़ रही हैं।
सूची में शामिल 117 महिलाओं में 98 ने अपनी मेहनत के दम पर पहचान बनाई है, जबकि केवल 19 महिलाएं पारिवारिक विरासत से आगे बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्तर प्रदेश 10 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मजबूत आधार देना चाहता है, तो महिला उद्यमिता, स्टार्टअप, कॉरपोरेट नेतृत्व, अनुसंधान, नवाचार और पेशेवर प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना होगा।
नोएडा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ और गोरखपुर जैसे उभरते आर्थिक केंद्र भविष्य में महिला नेतृत्व को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की क्षमता रखते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन राज्यों की सफलता के पीछे कॉरपोरेट मुख्यालयों की मौजूदगी, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम, मीडिया, प्रौद्योगिकी, उद्योग और नीति निर्माण से जुड़े व्यापक अवसर प्रमुख कारण हैं।
शीर्ष राज्यों की सफलता का राज
- मुंबई और महाराष्ट्र में कॉरपोरेट मुख्यालयों की बड़ी संख्या।
- दिल्ली और गुरुग्राम में मीडिया, स्टार्टअप और नीति निर्माण का मजबूत केंद्र।
- बेंगलुरु में प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और पेशेवर नेतृत्व का व्यापक नेटवर्क।
- चेन्नई और तमिलनाडु में उद्योग एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की मजबूत महिला नेतृत्व परंपरा।