Shikshamitra of UP: यूपी के शिक्षामित्र अब अपने वेतन के लिए संघर्ष का रास्ता चुनने जा रहे हैं। पूरे प्रदेश के शिक्षामित्र पांच सितंबर को लखनऊ में डेरा डालेंगे।
विधानसभा में बेसिक शिक्षा मंत्री द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि का कोई प्रस्ताव न होने की सूचना पर शिक्षामित्रों ने नाराजगी जताई है। कहा, यदि शिक्षामित्रों की समस्याओं के निस्तारण के लिए सरकार 30 अगस्त तक कोई पहल नहीं करती है तो पांच सितंबर को पूरे प्रदेश का शिक्षामित्र लखनऊ में डेरा डालेंगे। इसमें मांग किया जाएगा कि समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए या सरकार सामूहिक इस्तीफे को स्वीकार करे। रोज-रोज मरने से अच्छा है कि एक दिन ही व्यवस्था को समाप्त करके हमें मार दिया जाए।
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि पूर्व में शिक्षामित्र के समस्याओं के निस्तारण के लिए कमेटी बनी थी लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। सदन में बार-बार एक ही बयान देना कि मानदेय 3,500 से 10 हजार रुपये कर दिया है। यह भी तो बताएं कि हमने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सरकार के ऊपर निर्णय छोड़ दिया गया था। सरकार चाहती तो संवैधानिक रूप से शासनादेश में संशोधन करके पुनः शिक्षक बनाए रखती। पर, ऐसा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र अपना हक मिलने तक लड़ाई जारी रखेंगे।