गिरफ्तार हुआ भूपिंदर सिंह चौहान।
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नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले फेंसिडिल कफ सिरप और कोडीनयुक्त दवाओं के अवैध कारोबार में एसटीएफ ने भूपिंदर सिंह चौहान को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी विभूतिखंड में शहीद पथ तिराहे से की गई। वह जेल में अपने सिंडिकेट से जुड़े आरोपियों से मुलाकात करने आया था।
एसटीएफ के एएसपी लाल प्रताप सिंह के मुताबिक भूपिंदर वर्ष 2006 में निकोलस पिरामल फार्मा कंपनी में एरिया मैनेजर था। वर्ष 2014 में उसने विशाल के लिए वेट एजेंसिज और 2016 में विभोर राणा के नाम से जीआर ट्रेडिंग का ड्रग लाइसेंस बनवाया। कोरोना काल में कफ सिरप का कारोबार बढ़ा। जून से अगस्त 2022 के बीच मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, अलीगढ़, बुलंदशहर और शामली समेत कई जिलों के करीब 100 स्टॉकिस्टों को बिलिंग की गई।
पूछताछ में भूपिंदर ने बताया कि बाद में विशाल सिंह के नाम पर बीएन फार्मास्यूटिकल्स को सीएफए बनाया गया। इसके जरिये पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कफ सिरप की बिक्री होती थी। एसटीएफ के मुताबिक खरीद-बिक्री का हिसाब दिखाने के लिए गाजियाबाद में वाशु एंटरप्राइजेज, अमर ट्रेडर्स, अंकित फार्म और कृष्णा फार्मा जैसी फर्जी फर्मों का इस्तेमाल किया जाता था।
जांच में सामने आया कि अमित गुप्ता उर्फ रिंकू और मेरठ निवासी आसिफ बिना बिल के माल खरीदते थे। इसे नशे के लिए इस्तेमाल करने वाले तस्करों तक पहुंचाया जाता था। माल त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल की सीमा तक भेजने और भुगतान हवाला से करने की बात भी सामने आई है।