उत्तर प्रदेश सरकार के चौथे बजट के अनुसार विश्व बैंक की मदद से प्रदेश में हाईवे के लिए अलग पुलिस बल का गठन किया जाएगा। यह पुलिस केवल हाईवे पर दिखेगी। सड़क हादसों के समय पहली जिम्मेदारी इसी पुलिस की होगी। हालांकि हाईवे पुलिस थाने पर एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।
हाईवे पुलिस बल का गठन उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के ‘यूपी कोर रोड नेटवर्क प्रोजेक्ट’ के तहत किया जाएगा। विश्व बैंक ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है। सड़क सुरक्षा के मद्देनजर विश्व बैंक ने ही हाईवे पुलिसिंग की कल्पना की थी। जल्द ही प्रदेश सरकार शासनादेश जारी कर योजना को अमलीजामा पहनाएगी।
प्रदेश के दो नेशनल हाईवे भी शामिल
पायलेट प्रोजेक्ट में प्रदेश के दो नेशल हाईवे शामिल किए गए हैं। नेशनल हाईवे संख्या दो मथुरा से चंदौली तक 752 किलोमीटर और नेशनल हाईवे संख्या 25 लखनऊ से कानपुर तक 88 किलोमीटर के बीच के लिए इस पुलिस बल का गठन होगा। पायलट प्रोजेक्ट की कामयाबी के आधार पर इसे दूसरे दुर्घटना बहुल हाईवे पर शुरू किया जाएगा।