योगी सरकार-2 का पहला बजट करीब छह लाख करोड़ रुपये का हो सकता है। बजट में भाजपा के चुनावी संकल्प पत्र पर फोकस रहेगा। वर्ष 2022-23 के बजट को विशेषज्ञ और वित्त विभाग से जुड़े अधिकारी अंतिम रूप देने में जुटे हैं। माना जा रहा है कि यह बजट खेती-किसानी, लाभार्थीपरक योजनाएं, युवा, रोजगार, ढांचागत सुविधाएं और केंद्रांश पर केंद्रित होगा।
बजट में 1.65 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था सरकारी विभागों व उपक्रमों के कर्मचारियों और शिक्षकों आदि के वेतन व पेंशन मद के लिए होगी। शेष राशि विकास कार्यों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च की जाएगी। पीडब्ल्यूडी के हिस्से 30 हजार करोड़ रुपये का बजट आने की उम्मीद है। सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) की व्यवस्था खत्म होने से पीडब्ल्यूडी के बजट का ज्यादा तार्किक उपयोग हो सकेगा। विभाग को मिले बजट का करीब 30 फीसदी हिस्सा नए कामों (एसएनडी) पर खर्च होगा।
सिंचाई विभाग को बजट में 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री कृषि सिंचाई योजना मुख्य आकर्षण होगी। इसमें सभी लघु एवं सीमांत किसानों के लिए बोरवेल, ट्यूबवेल, तालाब और टैंक निर्माण के लिए अनुदान की व्यवस्था होगी। सभी किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ सकती है। छंटाई एवं ग्रेडिंग यूनिट, कोल्ड चेन चैंबर्स और प्रोसेसिंग सेंटर्स आदि के लिए भी धन की व्यवस्था होगी। बजट में एक या दो स्थानों पर नई सहकारी चीनी मिलें स्थापित करने की घोषणा होने की उम्मीद है।
राज्य सरकार बजट में आलू, टमाटर और प्याज जैसी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी के लिए भी समुचित प्रबंध करेगी। दुग्ध उत्पादन में वृद्धि और छुट्टा पशुओं से किसानों को राहत दिलाने के लिए पर्याप्त प्रबंधों पर भी फोकस रहेगा। सूत्रों के मुताबिक, जहां प्राकृतिक खेती के लिए बजट में ठीक-ठाक प्रावधान होगा, वहीं मेगा फूड पार्क की स्थापना पर भी फोकस होगा। ताकि, कृषि उपज की मांग में स्थायी वृद्धि हो सके। केंद्र सरकार की लाभार्थीपरक योजनाओं के लिए राज्यांश की व्यवस्था के लिए भी बजट में व्यवस्था होगी। इन योजनाओं को यूपी में महत्वपूर्ण माना जाता है।
नए विवि और आईटीआई की स्थापना पर जोर
सामूहिक विवाह अनुदान योजना, त्योहारों पर मुफ्त सिलिंडर और महिला एथलीटों को आर्थिक सहायता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में सबसे ज्यादा जोर विश्वविद्यालयों और आईटीआई की स्थापना पर होने की उम्मीद जताई जा रही है। रोजगार और स्वरोजगार की योजनाओं के लिए भी बजट घोषणा हो सकती है। निशुल्क टैबलेट और स्मार्ट फोन वितरण की व्यवस्था का भी बजट में ध्यान रखा जाएगा। स्वास्थ्य संबंधी ढांचागत सुविधाएं, कम कीमत में दवा उपलब्ध कराने के लिए छोटे-छोटे केंद्र और नए डायलिसिस केंद्रों की स्थापना के लिए भी बजट प्रावधान होगा।
ओडीओपी के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना
सरकार चालू वित्त वर्ष में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर और एंटी टेरेरिस्ट कमांडों सेंटर की स्थापना के लिए भी बजट प्रावधान करेगी। ओडीओपी योजना के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों के कायाकल्प पर भी फोकस होगा। स्टार्ट अप रैंकिंग में यूपी को नंबर-1 पर लाने के लिए विशेष प्रावधान होंगे। गांवों का समग्र विकास, सभी को शुद्ध पेयजल और परिवहन के लिए नई बसों के लिए भी बजट में व्यवस्था होगी। बरेली और झांसी जैसे शहरों में मेट्रो सुविधा के लिए बजट का हेड (मद) खोला जा सकता है। स्थानीय भाषाओं के लिए अकादमी की घोषणा बजट का आकर्षण हो सकती हैं।