शासन के सूत्रों के मुताबिक, शरणार्थियों को उत्तराखंड के उधम सिंह नगर समेत कई जिलों में संक्रमणीय भूमिधर अधिकार दिया जा चुका है। ये काम तब भी हुआ, जब उत्तराखंड यूपी का हिस्सा था और अलग होने के बाद भी यह अधिकार दिया गया। कमेटी अपनी संस्तुतियों में इस तथ्य को भी शामिल कर रही है।
शासन को चौंकाने वाला यह तथ्य भी मिला है कि भारत-पाक विभाजन के समय पाकिस्तान से कुछ मुस्लिम परिवार भी आए थे। इन्हें रामपुर में बसाया गया था। ये परिरवार उस समय क्यों आए, इसके कारणों की पड़ताल भी की जा रही है।