रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। राजनाथ ने कहा कि विपक्ष का आंदोलन चुनाव सुधारों के लिए नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन के लिए बांग्लादेश की तर्ज पर देश में हिंसा और अराजकता फैलाना है।
राजनाथ ने लखनऊ में प्रदेश मुख्यालय में कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने और जनादेश का अपमान करने में जुटे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग के सियासी इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कांग्रेस ने अब गांधी नाम प्रयोग करने का सारा नैतिक अधिकार पूरी तरह खो दिया है। उन्होंने 1975 में इमरजेंसी, 1984 में सिख नरसंहार, 1990 में रामभक्तों पर गोली और संवैधानिक संस्थाओं पर चोट को कांग्रेस के चार अपराध बताए।
विपक्ष की लड़ाई युवाओं के भविष्य की तो नहीं है
कांग्रेस व उसके सहयोगी दलों का युवाओं को मोहरा बनाकर अराजकता फैलाना और डंके की चोट पर सरकार गिराने की बात कहना देश में आग लगाने का एजेंडा है। उनकी लड़ाई चुनाव आयोग, एसआईआर, ज्ञानेश कुमार या युवाओं के भविष्य की नहीं, सत्ता हासिल करने की है।
मारीच-कालनेमि की साजिश सफल नहीं होगी : योगी
सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन का सपना देखने वाले लोग युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल की जगह अराजकता के औजार थमाना चाहते हैं। लोकतंत्र में सत्ता जनमत से मिलती है, अराजकता से नहीं। जनता ऐसे राजनीतिक मारीच और कालनेमि को सत्ता से दूर रख चुकी है। अब ये देश को आग में झोंकना चाहते हैं, पर इनकी साजिश सफल नहीं होगी।
सत्ता के लिए विपक्ष का एजेंडा पूरी तरह बेनकाब : नवीन
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, विपक्ष की लड़ाई चुनाव सुधार को लेकर नहीं है, बल्कि उसका एजेंडा किसी भी कीमत पर अराजकता फैलाकर सत्ता कब्जा करना है। सत्ता परिवर्तन के लिए विदेशी ताकतों की सांठगांठ से देश को अस्थिर करने का विपक्ष का एजेंडा बेनकाब हो गया है।