प्रदेश के डाकघरों में अब रेलवे टिकट भी बनवाए जा सकेंगे। इसके लिए स्टेशन जाने की जरूरत नहीं है। रेल व संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को लखनऊ में जीपीओ समेत 9147 डाकघरों में इस सुविधा का शुभारंभ किया। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 14,553 डाकघरों में कॉमन सर्विस सेंटर भी शुरू किए गए।
कार्यक्रम में रेलमंत्री ने कहा कि डाकघरों से जन-जन का विश्वास जुड़ा है। वह वक्त भी था, जब बड़े परिवार के नेता डाकघरों के विषय में सोचते तक नहीं थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी अहमियत समझी। आज डाकघर का नया स्वरूप उनकी विजन की वजह से है। डाकघरों के माध्यम से लोगों तक 50 से अधिक सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। डाकघर से बड़ा सर्विस डिलीवरी नेटवर्क पूरी दुनिया में नहीं है। यूपी में डाकघरों ने चालू वित्तीय वर्ष में चार लाख से अधिक सुकन्या समृद्धि खाते खोलकर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है।
उन्होंने कहा कि डाक विभाग को नए स्वरूप में सर्विस डिलीवरी को सुनिश्चित करना होगा। महिला स्वयं सहायता समूहों, बुनकरों, आदिवासियों, स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को देश के हर कोने तक पहुंचाने की प्राथमिकता तय होगी। इसकी शुरुआत यूपी से होगी। रेलवे के करीब 12 लाख और डाक विभाग के तीन लाख कर्मचारी मिलकर इस प्राथमिकता को पूरा करेंगे। कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 10 शहरों के डाकघरों में मौजूद ग्राहकों से संवाद भी किया।
रेल मंत्री ने चालू वित्तीय वर्ष में यूपी का चार लाखवां सुकन्या समृद्धि खाता खोलने वाली देवरिया की नव्या तिवारी को प्रतीकात्मक पासबुक सौंपी। नव्या ने कहा कि वह इस खाते से एकत्रित राशि से पढ़ाई कर वैज्ञानिक बनेंगी। कार्यक्रम में सीपीएमजी केके सिन्हा, पीएमजी विवेक कुमार दक्ष सहित राज्यसभा सदस्य अशोक बाजपेयी व उत्तर रेवले के जीएम आशुतोष गंगल, डीआरएम डॉ. मोनिका अग्निहोत्री, आईआरसीटीसी के सीआरएम अजीत सिन्हा मौजूद थे।