यूपीएफएसडीए के निर्देश के अनुसार रिटेल फार्मेसियों की सार्वजनिक वेबसाइट पर लाइसेंस नंबर, नियुक्त फार्मासिस्ट, लाइसेंसी परिसर और स्टॉक संबंधी विवरण उपलब्ध कराया जाना है। फार्मेसियों को इन जानकारियों को नियमित रूप से अपडेट करना होगा।विभाग की ओर से क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित फार्मेसियों में इस व्यवस्था का अनुपालन सुनिश्चित कराएं। यानी अब फार्मेसी संबंधी जरूरी जानकारी को केवल निरीक्षण के दौरान उपलब्ध कराने के बजाय आम लोगों के लिए भी सार्वजनिक करने की व्यवस्था तैयार की जा रही है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में जारी निर्देशों का क्रियान्वयन 1 नवंबर से अपेक्षित है। इसके लिए औषधि निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्र में संचालित फार्मेसियों द्वारा निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। यह कदम ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब विभाग दवाओं के क्रय मूल्य, बिक्री मूल्य और मरीजों तक पहुंचने वाली कीमत में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दे रहा है। इससे मरीजों को दवा खरीदते समय अधिक जानकारी मिल सकेगी और फार्मेसी व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी।
नए थोक बिक्री लाइसेंस पर लगी रोक भी हटेगी
इसी आदेश में दवा कारोबार से जुड़ा एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी बताया गया है। 23 जुलाई को जारी आदेश का हवाला देते हुए कहा गया है कि आगामी नवरात्रि त्योहार के मद्देनजर व्यापारियों के हित में 11 अक्टूबर 2026 से नए थोक बिक्री लाइसेंस जारी किए जाने पर लगी रोक हटाने का निर्णय लिया गया है।संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस निर्णय के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इससे दवा कारोबार से जुड़े नए लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।