भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हाउस प्राइस इंडेक्स के तहत तीसरी तिमाही में कानपुर में प्रापर्टी की कीमतें दो फीसदी कम हुई है। जबकि बंगलूरू में आठ फीसदी बढ़ी है। वहीं, इसी अवधि में लखनऊ सहित तीन शहरों में प्रापर्टी की कीमतों में मामूली वृद्धि हुई है। हालांकि पिछली दो तिमाही में कानपुर और लखनऊ में प्रापर्टी की कीमतें 4.3 और 3.5 फीसदी बढ़ी हैं।
आरबीआई दस प्रमुख शहरों मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बंगलूरू, लखनऊ, अहमदाबाद, जयपुर, कानपुर और कोच्चि के लिए तिमाही आवास मूल्य सूचकांक (एचपीआई) तैयार करता है। इन सूचकांकों के आधार पर औसत गृह मूल्य सूचकांक तैयार होता है। ये सूचकांक राज्य सरकारों के पंजीकरण अधिकारियों से लिए गए संपत्ति मूल्य लेनदेन के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित हैं।
इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एचपीआई में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछली तिमाही में 3.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। एक साल पहले 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। हाउस प्राइस इंडेक्स पर नजर डालें तो इसमें प्रत्येक शहर में काफी अंतर है। प्रापर्टी की कीमतें सबसे ज्यादा 8.8 प्रतिशत बंगलूरू में बढ़ी हैं। जबकि कानपुर में दो फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, अहमदाबाद, लखनऊ, कोलकाता और चेन्नई में घर की कीमतों में 0.1 फीसदी की मामूली तेजी आई है। दिलचस्प बात ये है कि अप्रैल से जून के बीच पहली तिमाही में लखनऊ की तुलना में कानपुर में प्रापर्टी की कीमतें करीब सात गुना ज्यादा बढ़ीं। कोलकाता पहले नंबर पर था और बंगलूरू दूसरे नंबर पर आया था। इस बार बंगलूरू ने पहला स्थान हासिल किया है।