योजना अंतर्गत घरेलू (एलएमवी-1), वाणिज्यिक (एलएमवी-2), निजी संस्थान (एलएमवी-4बी), औद्योगिक (एलएमवी-6), और स्थायी रूप से कनेक्शन कटने वाले उपभोक्ता भी इसके दायरे में शामिल हैं।
घरेलू उपभोक्ता (एक किलोवाट भार तक) को कितना मिलेगा लाभ
पहला चरण- 15 दिसंबर 2024 से 31 दिसंबर तक यानी कुल 16 दिन का होगा। एक किलोवाट भार तक और मूल बकाया पांच हजार तक एकमुश्त जमा करने पर शत प्रतिशत छूट। 10 किश्तों में जमा करने पर बिलंबिल भुगतान अधिभार में 75 फीसदी छूट मिलेगी। पांच हजार से अधिक बकाया पर एकमुश्त में 70 फीसदी, किश्त में 60 फीसदी
दूसरा चरण- यह एक जनवरी से 15 जनवरी तक होगा। पांच हजार तक एकमुश्त भुगतान में 80 फीसदी छूट, किश्त में 65 फीसदी छूट मिलेगा। पांच हजार से अधिक पर 60 फीसदी और किश्त पर 50 फीसदी छूट
तीसरा चरण- यह 16 जनवरी से 31 जनवरी तक होगा। एकमुश्त जमा करने पर 70 फीसदी, किश्त में जमा करने पर 55 फीसदी छूट मिलेगी। पांच हजार से अधिक बकाये पर 50 फीसदी और किश्त पर 40 फीसदी छूट।
एक किलोवाट से अधिक भार वाले घरेलू उपभोक्ता को छूट
पहले चरण में एकमुश्त 60 फीसदी, चार किश्त में भुगतान पर 50 फीसदी। दूसरे चरण में एकमुश्त 50 फीसदी, किश्त पर 40 फीसदी, तीसरे चरण में एकमुश्त में 40 फीसदी और किश्त पर 30 फीसदी छूट मिलेगी।
पहले चरण में एक मुश्त 60 फीसदी, चार किश्त में 50 फीसदी। दूसरे चरण में एकमुश्त 50 फीसदी, किश्त पर 40 फीसदी और तीसरे चरण में एकमुश्त 40 फीसदी और किश्त पर 30 फीसदी छूट मिलेगी।
किसानों को कैसे मिलेगा लाभ
किसानों को निजी नलकूप में 31 मार्च, 2023 तक के उनके बकाये विद्युत बिलों के विलंबित भुगतान अधिभार में छूट का लाभ लेने के लिए 07 मार्च, 2024 से पंजीकरण कराए जा रहे हैं, जिन्हें अभी इस छूट का लाभ मिलता रहेगा। सभी प्रकार के उपभोक्ता अपने नजदीकी विभागीय खंड, उपखंड कार्यालय, कैश काउंटर, जनसेवा केंद्र के माध्यम से या विभागीय वेबसाइट www.uppcl.org पर लॉगिन कर योजना के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
उपभोक्ता योजना का लाभ उठाने के लिए विभागीय खंड/उपखंड कार्यालय, विद्युत सखी, जनसेवा केंद्र, या विभागीय वेबसाइट www.uppcl.org के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के लिए नवीनतम बिजली बिल और मोबाइल नंबर अनिवार्य होगा। भुगतान भी इन्हीं माध्यमों से एकमुश्त या किश्तों में किया जा सकता है। यदि उपभोक्ता पंजीकरण के बाद तय समय सीमा में भुगतान नहीं करता, तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा और उसका अधिभार बढ़ा दिया जाएगा। योजना विवादित और न्यायालय में लंबित प्रकरणों का समाधान भी प्रदान करती है, जिसमें उपभोक्ता को भुगतान के बाद अपना केस वापस लेने का वचन देना होगा।
कनेक्शन लेने के बाद कभी भुगतान न करने वाले (नेवर पेड) और लंबे समय से भुगतान न करने वाले (लॉन्ग अनपेड) उपभोक्ताओं से भुगतान प्राप्त करने पर कलेक्शन एजेंसियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। यदि किसी उपभोक्ता का एक हजार रुपया विलंबित शुल्क जमा होता है तो एजेंसी को प्रोत्साहन राशि 100 रुपया दिया जाएगा। यह नियमित कमीशन के अतिरिक्त होगा।