कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा।
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विधानसभा चुनाव की दुंदुभि बजने से पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा अपनी बूथ कमेटियों के सदस्यों से सीधे रूबरू होंगी। उन्हें विधानसभा चुनाव में जुटने के लिए प्रेरित करेंगी। इसके लिए प्रदेश नेतृत्व ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद यूपी में अपने संगठन निर्माण पर फोकस किया। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सभी ब्लॉकों और न्याय पंचायतों में उनकी कमेटियां बन चुकी हैं। गांव स्तर पर भी यह काम काफी हद पूरा कर लिया गया है। इसका उद्देश्य बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करना है, ताकि विधानसभा चुनाव में उसे इसका फायदा मिल सके।
प्रत्येक जिले में संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी प्रदेश नेतृत्व के अलग-अलग पदाधिकारियों को दी गई है। उनके काम के मूल्यांकन के लिए राष्ट्रीय सचिवों को भी जिलों का प्रभार सौंपा गया है। यहां तक कि ग्राम स्तर की कमेटियों में शामिल कार्यकर्ताओं के नाम और मोबाइल नंबर तक पार्टी हाईकमान ने ले लिए हैं। ताकि, क्रॉस चेकिंग करके यह पता लगाया जा सके कि कमेटियों का गठन महज औपचारिकता पूरी करने के लिए तो नहीं किया गया है। गांव कमेटी के सदस्यों के बीच बूथों की जिम्मेदारियां भी बांटी गई हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अब गांव में बूथ स्तर पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं से सीधे प्रियंका बातचीत करेंगी। वे फोन के माध्यम से उनसे पूछेंगी कि गांव कमेटियां किस तरह काम कर रही हैं। काम करने में क्या दिक्कतें आ रही हैं और उन्हें दूर करने के उपाय क्या हो सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन कार्यकर्ताओं को चुनाव में दिन-रात जुटने के लिए प्रेरित करना है। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि इनकी मदद से मतदान के दिन उनका वोटर घर से निकलकर पोलिंग बूथ तक आ सकेगा। इसका पार्टी की परफॉर्मेंस बेहतर होगी।