अभिरक्षा कार्यालय कई अवैध कब्जों से संपत्तियों को मुक्त कराने की कवायद कर चुका है। कुछ को खाली कराया और तमाम पर कब्जा बरकरार है। किरायेदार व लीज वालों से लेकर अवैध कब्जेदार भी कोर्ट जा चुके हैं। कानूनी पेच फंसने से अभिरक्षा कार्यालय तय कार्रवाई नहीं कर सका। अब भी गृह मंत्रालय के आदेश के बाद इन संपत्तियों को पूरी तरह कब्जामुक्त कराना आसान नहीं होगा।
60 फीसदी से अधिक संपत्तियों पर अवैध कब्जे : कुल संपत्तियों में से आठ-दस फीसदी संपत्तियां ही लीज व किरायेदारी पर हैं। कुछ की नीलामी हो चुकी हैं। वहीं, कुछ ही विभाग के कब्जे में हैं। सूत्रों के मुताबिक 60 फीसदी से अधिक संपत्तियों पर अवैध कब्जा है। तमाम ऐसी संपत्तियां हैं, जिन पर लोग खेती कर रहे हैं। यही नहीं, कुछ ने तो लीज पर लेकर दूसरों को किराये पर दे रखी हैं, जिससे लाखों रुपये किराये के तौर पर वसूलते हैं।