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यूपी: बिजली विभाग में शुरू हुई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हटाने की तैयारी, मध्यांचल से होगी शुरुआत

Mon, 09 Feb 2026 12:23 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

UP Electricity Department: यूपी बिजली विभाग के निजीकरण की खबरों के बीच यहां पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। 
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यूपी बिजली विभाग। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 बिजली विभाग में संविदा पर रखे गए चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसकी शुरुआत मध्यांचल से हुई है। यहां के करीब 27 कर्मचारियों को चिन्हित कर लिया गया है। प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो रही है। ऐसे में विभिन्न विभागों में संविदा के आधार पर चतुर्थ श्रेणी कर्मी रखे गए हैं। बिजली विभाग में संविदा कर्मियों की विभिन्न स्तरों पर छंटनी होने के बाद अब चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का नंबर आ गया है। उच्च स्तर पर तय की गई रणनीति के तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को हटाने की शुरुआत मध्यांचल से हो रही है। सूत्रों का कहना है कि मध्यांचल के 27 कर्मियों को चिन्हित किया गया है। इनकी बायोमीट्रिक हाजिरी बंद करने के लिए संबंधित आउटसोर्सिंग कंपनी को पत्र भी लिख दिया गया है।

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ऊर्जा मंत्री दे रहे दुहाई

एके शर्मा बाएं। स्रोत: सूचना विभाग - फोटो : शहर में शनिवार को हंगामा कर रहे दुकानदारों से बात करती सदर विधायक।
कुछ दिन पहले ही ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने संविदा कर्मियों को हटाने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि छंटनी के लिए जो भी दोषी है, जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी गुपचुप तरीके से चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को हटाया जा रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि मध्यांचल की तरह ही पश्चिमांचल, पूर्वांचल और दक्षिणांचल में भी आउटसोर्सिंग एजेंसियों को चतुर्थ श्रेणी हटाने की दिशा में कार्य करने के लिए मौखिक तौर पर कह दिया गया है।
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मनमानी पर अंकुश लगे

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी सरकार की छबि धूमिल करने के प्रयास में लगे हैं। सरकार संविदा के लिए बोर्ड का गठन कर रही है। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को विभिन्न पदों पर तैनात किया जा सके। बिजली विभाग उल्टा चल रहा है। जो पहले से कार्यरत हैं, उन्हें ही हटाने पर आमादा है। खासबात यह है कि ऊर्जा मंत्री के आदेश के बाद छंटनी की प्रक्रिया तेज हो गई है।
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