22 जनवरी 2024 को भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त काशी के विद्वान पंडितों निकाला था लेकिन इस बार जो प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है, इसका मुहूर्त अयोध्या के विद्वानों ने ही निकाला है। अयोध्या के प्रख्यात आचार्य पंडित प्रदीप शर्मा, आचार्य राकेश तिवारी और आचार्य रघुनाथ दास शास्त्री ने प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त निकाला है। पांच जून को गंगा दशहरा भी है। माना जाता है कि गंगा दशहरा से ही द्वापर युग की शुरुआत होती है। इसी दिन रामेश्वरम की स्थापना भी हुई थी।
जानिए दूसरे प्राण प्रतिष्ठा समारोह में क्या है अनुष्ठान और कार्यक्रम
दो जून को सरयू तट से मातृ शक्तियां जल कलश यात्रा निकालेंगी। कलश यात्रा के अगले दिन तीन दिवसीय आयोजन ज्येष्ठ शुक्ल की अष्टमी तीन जून से प्रारंभ होकर दशमी पांच जून को पूजा, भोग और आरती के साथ पूरा होगा। सभी अनुष्ठान दो दिन सुबह 6:30 बजे प्रारंभ होगा और 6:30 बजे ही समाप्त होगा। पांच जून को सुबह 6:30 बजे अनुष्ठान प्रारंभ होकर 11:20 तक चलेगा। सुबह 11:25 से 11:40 तक का अभिजीत मुहूर्त है। इसी अभिजीत मुहूर्त में राजा राम की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
चंदौली के विद्वान प्रकांड पंडित जयप्रकाश तिवारी 101 वैदिक आचार्यों के साथ आठों मंदिरों में देव विग्रहों की एक साथ प्राण प्रतिष्ठा करेंगे।
कौन होगा मुख्य यजमान, जिसे दूसरी बार मिल रहा है यह सौभाग्य
22 जनवरी 2024 को हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र सपत्नीक यजमान बने थे। इस बार भी यह सौभाग्य डॉ. अनिल मिश्र को ही मिल रहा है। डॉ. मिश्र दूसरे प्राण प्रतिष्ठा समारोह के भी यजमान होंगे।