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Gonda: दो साल के बच्चे पर जंगली जानवर ने किया हमला, आंख हुई जख्मी... करना पड़ा आपरेशन

Sun, 01 Jun 2025 05:52 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा

सार

गोंडा जिले के खरगूपुर के गौनरिया में एक जंगली जानवरी ने दो साल की मासूम पर जानलेवा हमला कर दिया हमले में बच्चा बुरी तरह जख्मी हो गया।
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गीली जमीन पर बने पैर के निशान व मौके पर मौजूद ग्रामीण व पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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गोंडा जिले के खरगूपुर के गौनरिया के तमहीपुरवा में जंगली जानवर के हमले से चार महीने की मासूम बच्ची की मौत के बाद रविवार दोपहर इसी गांव के नागबाबा पुरवा में एक और दो वर्षीय मासूम शिवांश पर हमला कर दिया। हालांकि इस दौरान बच्चे की बड़ी मां माधुरी देवी ने जानवर से बचाने में कामयाबी हासिल की है। बच्चे को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

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नागपुरवा निवासी श्रवण की पत्नी माधुरी ने बताया कि दोपहर करीब 12:30 बजे उनके देवर शिवभोले का दो वर्षीय बेटा शिवांश घर में ही खेल रहा था। इसी बीच खेलते-खेलते बाहर निकल गया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर माधुरी बाहर निकलीं तो जानवर बच्चे को ले जाता दिखाई दिया।

माधुरी ने बच्चे को बचाने के प्रयास किए तो उन पर भी जानवर ने हमला कर दिया। खुद को बचाते हुए शोर मचाया तो वहां लोग पहुंच गए लेकिन तब तक जानवर ने बच्चे को बुरी तरह से हमलाकर जख्मी कर दिया। वहां पर अन्य लोगों के पहुंचने से जानवर भाग निकला। जानवर के हमले से शिवांश की आंख व गले पर गहरे जख्म आये हैं। आनन-फानन में परिजन बच्चे को रुपईडीह पीएचसी पर ले गए। वहां हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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परिजनों ने बताया कि बच्चे के बेहतर इलाज के लिए एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। वहां पर डॉक्टरों ने बच्चे के आंखों का सफल ऑपरेशन किया है। जंगली जानवर के दोबारा किसी बच्चे पर हमले से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना पर थानाध्यक्ष प्रदीप सिंह फोर्स के साथ पहुंचे। साथ ही वन विभाग की टीम को घटना की जानकारी दी। थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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22 मई को बच्ची को उठा ले गया था जंगली जानवर

गौनरिया के नागबाबापुरवा से सटे तमहीपुरवा में 22 मई को जंगली जानवर एक चार महीने की बच्ची को आंगन से उठा ले गया था। इस दौरान घर से कुछ दूरी पर रवींद्र कुमार की बेटी गंगोत्री का शव मिला था। बावजूद इसके प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। इतना ही नहीं, जानवर की तलाश नहीं की जा सकी। ऐसे में दूसरी वारदात के बाद इलाके में खलबली मच गई है। 

लकीर पीट रही वन विभाग की टीम
वन विभाग की टीम बच्चे के हमले के बादलकीर पीटती नजर आई। यहां रेंजर मो. इमरान खान, डिप्टी रेंजर अभिषेक प्रताप और एसआई विनय कुमार मौके पर पहुंचे। इस दौरान जानवर के पगचिन्ह का सैंपल लिया है। उन्होंने बताया कि जांच के लिए भेजा जा रहा है। इसके बाद जानवर की पुष्टि हो सकेगी। प्रथमदृष्टया सियार जैसे किसी जानवर के हमले की आशंका जताई जा रही है।
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