सुल्तानपुर में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए मंगेश यादव के प्रकरण को विपक्ष विधानसभा उपचुनाव में मुद्दा बनाने की मंशा के साथ आगे बढ़ रहा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने न्यायालय और मानवाधिकार आयोग से दखल देने का अनुरोध किया है। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि यूपी में कानून का शासन नहीं है।
अखिलेश यादव ने मंगेश की बहन प्रिंसी यादव का वीडियो एक्स पर अपलोड करते हुए लिखा कि इस बच्ची के आंसुओं की गवाही के आधार पर न्यायालय व मानवाधिकार आयोग से तत्काल सक्रिय होने का विनम्र आग्रह है।
राहुल गांधी ने मंगेश यादव एनकाउंटर मामले में भाजपा पर हमला बोला है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सुल्तानपर में हुए मंगेश यादव के एनकाउंटर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भाजपा रूल आफ लॉ पर विश्वास ही नहीं करती है।
मंगेश के परिवार के आंसू पूरे देश से सवाल पूछ रहे हैं- कौन जिएगा और कौन नहीं, इसका फैसला अदालत करेगी या पुलिस? एसटीएफ जैसी प्रोफेशनल फोर्स को भाजपा सरकार में आपराधिक गिरोह की तरह चलाया जा रहा है।
मंगेश के घर पहुंचेगा प्रतिनिधि मंडल
उधर, कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव के नेतृत्व में कांग्रेस का 16 सदस्यी प्रतिनिधि मंडल रविवार को जौनपुर स्थित मंगेश यादव के घर जाएगा। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर केंद्रीय नेतृत्व को भेजेगा।
तो क्या पुलिस जाति पूछकर चलाए गोली : ओमप्रकाश राजभर
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने सपा अध्यक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उनके बयान से तो यही लगता है कि पुलिस ऐसे मामलों में अपराधियों से आधार कार्ड मांगे। पूछे कि तुम किस बिरादरी के हो, तब चलाए गोली। राजभर ने कहा कि पुलिस अपनी रक्षा के लिए फूल बरसाएगी या गोली चलाएगी।
एनकाउंटर शासनिक हत्या का साधन बन गया है : चंद्रशेखर
वहीं, आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आरोपी की मां ने जो एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं वो चिंता का विषय है। उसकी मां ने कहा था कि पुलिस ने उसके बेटे को रात में पूछताछ के बहाने तीन दिन पहले उठाया था और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। उन्होंने कहा एनकाउंटर शासनिक हत्या का साधन बन गया है। उन्होंने जांच की मांग की है।