कुमार का कहना है कि पुलिस का मकसद किसी की जान लेना नहीं होता। यही वजह है कि पिछले डेढ़ साल में 7,000 से अधिक अपराधी पकड़े गए हैं। इनसे से 2,000 से अधिक इनामी अपराधी हैं।
इसमें केवल 59 बदमाशों की ही जान गई है। उनका कहना है कि मुजफ्फरनगर के एक एनकाउंटर मामले में याचिका दाखिल की गई थी, वह भी पुलिस के जवाब के बाद खारिज हो गई थी। वहीं, मानवाधिकार आयोग ने भी जो जवाब मांगा था, उसे वह जवाब उपलब्ध करा दिया गया है।