उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में थाईलैंड की 41 वर्षीय युवती की 3 मई को लोहिया अस्पताल में कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। यूपी पुलिस ने एंबेसी से संपर्क किया। वहां से स्थानीय गाइड सलमान को अंतिम संस्कार के लिए जिम्मेदारी दी गई। पुलिस ने वीडियो काल के जरिए परिरिजनों को अंतिम दर्शन कराने के बाद संस्कार किया। इस सलमान मौजूद था।
इसके बाद युवती की अस्थियां एंबेसी को भेजने की तैयारी शुरू हो गई। इसी बीच शनिवार को सोशल मीडिया पर युवती की मौत का मामला रसूखदारों से जुड़े होने की वायरल हुई तो जांच शुरू की गई। युवती के अस्पताल में दर्ज कराए गए पते पर पड़ताल शुरू की गई।
हजरतगंज के जिस होटल में रुकने की बात कही थी वहां पुलिस को उसके ठहरने का कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है। हजरतगंज पुलिस का दावा है कि इलाके के सभी बड़े होटलों के एंट्री रजिस्टर को चेक किया गया है। साथ ही होटल के बाहर व अंदर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है, जिसमें थाई युवती के आने-जाने का कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। हालांकि पुलिस का दावा है कि होटल स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि लॉकडाउन में किसी भी विदेशी शख्स के होटल में रुकने का सवाल ही नहीं उठता है। अगर किसी भी होटल ने कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया है तो उसपर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि उसने क्षेत्र के 10 बड़े होटलों के कर्मचारियों से पूछताछ भी की है, जो थाई युवती के ठहरने की बात से साफ इनकार कर रहे हैं। अब सवाल उठता है कि आखिर युवती शहर में कहा रुकी थी, जिसे पता कर पाने में कमिश्नरेट पुलिस नाकाम साबित हो रही है।
युवती ने लोहिया अस्पताल में अपना हजरतगंज का पता दर्ज कराया था। उस आधार पर पुलिस ने हजरतगंज के सभी होटलों और गेस्ट हाउस के रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी कि वह किस होटल में रुकी थी। वही विभूति खंड पुलिस ने युवती के लोकल गाइड को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया है।
आपको बता दें कि थाइलैंड की पियाथिडा टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी। वह 28 अप्रैल को दिल्ली होते हुए लखनऊ पहुंची। 30 अप्रैल को उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 3 मई को मौत हो गई थी।
पुलिस ने रायपुर के मित्र से किया संपर्क
विभूतिखंड पुलिस ने थाइलैंड की युवती की कॉल डिटेल के आधार पर रायपुर के उसके मित्र राकेश शर्मा से संपर्क किया है। युवती की लखनऊ में मदद करने वाले गाइड सलमान का दावा है कि उसने राकेश के कहने पर ही उसकी सहायता की थी।
पुलिस अब राकेश के जरिए हर उस पहलु को खंगाल रही है, जिनकी मदद से युवती को राजधानी में ठहराया गया था। वहीं सलमान की भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें युवती से संबंधित खबरों को नकारा है। हालांकि विभूति खंड की पुलिस उसे पूछताछ के थाने पर बुलाया है।
...तो किसके बुलावे पर आई थी युवती
पुलिस की जांच और अब तक आए तथ्यों से एक बात साफ है कि युवती थाईलैंड से लखनऊ खुद नहीं पहुंची थी। सूत्रों का भी कहना है कि एक रसूखदार ने उसे अपने खर्चे पर बुलाया। सूत्रों का कहना है कि जिस सफेदपोश ने युवती को थाईलैंड से बुलाया उसने अपने होटल में रुकने का इंतजाम कराया था। चर्चा इस बात की भी है कि युवती की मुलाकात किसी बड़े प्रशासनिक अधिकारी से कराई जानी थी।
आरोपों का दौर: महात्रासदी के दौर में कॉल गर्ल बुलाई...
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आईपी सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा कि दुनिया भर में चल रही महात्रासदी के बीच थाईलैंड से एक कॉलगर्ल बुलाई गई, जिसकी अब कोरोना से मौत हो गई। उन्होंने यूपी पुलिस को पोस्ट टैग करते हुए राज्यसभा सांसद के पुत्र के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की चुनौती दी। समाज सेविका नूतन ठाकुर व उनके पति पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को पत्र लिखकर युवती की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार कराने पर सवाल उठाया। नूतन ने एफआईआर दर्ज कर सांसद के बेटे पर लगे आरोपों की जांच की मांग की।
राज्यसभा सांसद ने पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र
थाईलैंड की युवती की मौत के मामले में राज्यसभा सांसद व कारोबारी संजय सेठ ने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट्स में उनकी व परिवार की छवि धूमिल की जा रही है। उन्होंने पुलिस से युवती की ट्रैवेल हिस्ट्री की जांच करने की मांग की है। इसके लिए पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को पत्र लिखा है। उन्होंने जांच रिपोर्ट भी सार्वजनिक करने की मांग की है।
संजय सेठ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट को मनगढ़ंत व दुर्भावनापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे पोस्ट कर मेरे परिवार की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। पहले सपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने ट्विटर पर इस तरह का एक ट्वीट किया जिसे रामदत्त त्रिपाठी ने रीट्वीट किया और एक तस्वीर के साथ कई बार वायरल किया। इसके स्रोत और उत्पत्ति के बारे में गहन जांच की आवश्यकता है। आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वालों में महेंद्र कुड़िया भी शामिल हैं। इस तरह की सामग्री के गलत पाए जाने पर ऐसी पोस्ट करने वाले और रीट्वीट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।