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थाईलैंड की युवती की मौत का मामला : हजरतगंज के होटलों की पड़ताल में रुकने की नहीं हुई पुष्टि 

Mon, 10 May 2021 12:49 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

थाईलैंड की 41 वर्षीय युवती के 3 मई को लोहिया अस्पताल में कोरोना संक्रमण से मौत हो गई । वह किस के बुलावे पर लखनऊ आई थी? कहां रुकी थी ? किन लोगों से मिली थी ?
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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थाईलैंड की 41 वर्षीय युवती के 3 मई को लोहिया अस्पताल में कोरोना संक्रमण से मौत हो गई । वह किस के बुलावे पर लखनऊ आई थी? कहां रुकी थी ? किन लोगों से मिली थी ?  इन सवालों की तलाश में लखनऊ कमिश्नरेट के पुलिस कई जगह पड़ताल की लेकिन सभी सवाल अधूरे रह गए । युवती ने लोहिया अस्पताल में अपना हजरतगंज का पता दर्ज कराया था। उस आधार पर पुलिस ने हजरतगंज के सभी होटलों और गेस्ट हाउस के रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी कि वह किस होटल में रुकी थी । वही विभूति खंड पुलिस ने युवती के लोकल गाइड को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया है। 

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थाइलैंड की पियाथिडा टूरिस्ट वीजा पर भारत आई थी। वह 28 अप्रैल को दिल्ली होते हुए लखनऊ पहुंची। 30 अप्रैल को उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां 3 मई को मौत हो गई। पुलिस ने एंबेसी से संपर्क किया। वहां से  स्थानीय गाइड सलमान को अंतिम संस्कार के लिए जिम्मेदारी दी। पुलिस ने वीडियो काल के जरिए परिवारीवारिजनों को अंतिम दर्शन कराने के बाद संस्कार किया। इस सलमान मौजूद था। इसके बाद युवती की अस्थियां एंबेसी को भेजने की तैयारी शुरू हो गई। इसी बीच शनिवार को सोशल मीडिया पर युवती की मौत का मामला रसूखदारों से जुड़े होने की वायरल हुई तो जांच शुरू की गई। युवती के अस्पताल में दर्ज कराए गए पते पर पड़ताल शुरू की गई।

हजरतगंज के जिस होटल में रुकने की बात कही थी वहां पुलिस को उसके ठहरने का कोई भी साक्ष्य नहीं मिला है। हजरतगंज पुलिस का दावा है कि इलाके के सभी बड़े होटलों के एंट्री रजिस्टर को चेक किया गया है। साथ ही होटल के बाहर व अंदर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है, जिसमें थाई युवती के आने-जाने का कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। हालांकि पुलिस का दावा है कि होटल स्टाफ से भी पूछताछ की जा रही है।  
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युवती के दावों को हजरतगंज पुलिस ने गलत बताया है। पुलिस का कहना है कि लॉकडाउन में किसी भी विदेशी शख्स के होटल में रुकने का सवाल ही नहीं उठता है। अगर किसी भी होटल ने कोविड गाइडलाइन का पालन नहीं किया है तो उसपर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का दावा है कि उसने क्षेत्र के 10 बड़े होटलों के कर्मचारियों से पूछताछ भी की है, जो थाई युवती के ठहरने की बात से साफ इनकार कर रहे हैं। अब सवाल उठता है कि आखिर युवती शहर में कहा रुकी थी, जिसे पता कर पाने में कमिश्नरेट पुलिस नाकाम साबित हो रही है।

पुलिस ने रायपुर के मित्र से किया संपर्क

विभूतिखंड पुलिस ने थाइलैंड की युवती की कॉल डिटेल के आधार पर रायपुर के उसके मित्र राकेश शर्मा से संपर्क किया है। युवती की लखनऊ में मदद करने वाले गाइड सलमान का दावा है कि उसने राकेश के कहने पर ही उसकी सहायता की थी। पुलिस अब राकेश के जरिए हर उस पहलु को खंगाल रही है, जिनकी मदद से युवती को राजधानी में ठहराया गया था। वहीं सलमान की भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें युवती से संबंधित खबरों को नकारा है। हालांकि विभूति खंड की पुलिस उसे पूछताछ के थाने पर बुलाया है। 

सपा प्रवक्ता ने पुलिस की जांच पर उठाये सवाल
सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आईपी सिंह ने ट्विटर पर रविवार को कारोबारी व राज्यसभा सांसद संजय सेठ के खिलाफ एक पोस्ट अपलोड कर कमिश्नरेट पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाये हैं। उन्होंने तस्वीर पोस्ट अपलोड कर लिखा कि प्रधानमंत्री के साथ खड़े होकर मुस्करा रहे भाजपा सांसद संजय सेठ के पुत्र पर गंभीर आरोप लगे हैं। दुनिया भर में चल रही महात्रासदी के बीच थाईलैंड से एक कॉल गर्ल बुलाई गई, जिसकी अब कोरोना से मौत हो गई। उन्होंने यूपी पुलिस को पोस्ट टैग करते हुए राज्य सभा सांसद के पुत्र के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की चुनौती दी है। 
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इस मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग

समाज सेविका नूतल ठाकुर व उनके पति पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को पत्र लिखकर थाई युवती की मौत के मामले में पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। नूतन ठाकुर के मुताबिक मीडिया में आई रिपोर्ट के आधार पर कोविड के भी वक्त थाईलैंड की युवती को कैसे लखनऊ बुलवाकर ठहराया गया। उनका आरोप है कि युवती की मौत के बाद चोरी से उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। जबकि ऐसे मामलों में पुलिस को विधिक आधार पर कार्रवाई को अंजाम देना चाहिए था। उन्होंने सपा नेता आईपी सिंह के ट्विट का जिक्र करते हुए राज्य सभा सांसद संजय सेठ के बेटे की संलिप्ता पर भी सवाल उठाया है। इस मामले में नूतन ठाकुर ने एफआईआर दर्ज कर सांसद के बेटे पर लगे आरोपों की जांच की मांग की है।

एलआईयू की भूमिका पर सवाल
थाईलैंड की युवती के हजरतगंज में रुकने के मामले में लोकल इंवेस्टीगेश्न यूनिट पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि किसी भी विदेशी के शहर आने पर उसका विवरण एलआईयू के पास दर्ज करवाना अनिर्वाय है। बावजूद इसके पूरे प्रकरण में एलआईयू टीम अंजान बनी रही। आरोप है कि युवती की मौत के बाद एलआईयू सक्रिय हुई है। एंबेसी से संपर्क कर कार्यवाही शुरू कर दी। विंग को यह भी नहीं पता चला कि युवती कहा रूकी थी। किससे मिली।
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